पंजाब की आम आदमी पार्टी वाली भगवंत मान सरकार ने राज्य की जनता के लिए 300 यूनिट फ्री बिजली देने का अपना वादा पूरा करने का ऐलान कर दिया है. राज्य सरकार के फैसले के मुताबिक 1 जुलाई 2022 से राज्य की जनता को 300 यूनिट फ्री बिजली मिलेगी. पंजाब में सरकार का एक महीने का कार्यकाल पूरा होने पर आप सरकार ने समाचार पत्रों में विज्ञापन दिया है, जिसमें कहा गया है कि मुफ्त बिजली का लाभ 1 जुलाई से शुरू किया जाएगा. इसकी औपचारिक घोषणा मुख्यमंत्री भगवंत मान आज कर सकते हैं. जून 2021 में पंजाब के मतदाताओं के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पहली गारंटी 300 यूनिट की मुफ्त बिजली थी. यह वादा नई दिल्ली में उनकी सरकार द्वारा लागू की गई योजना के समान था.

इससे पहले पंजाब के उपभोक्ताओं को देश की सबसे महंगी बिजली मिल रही थी. पंजाब सरकार ने इस लाभ को शुरू करने के लिए दिल्ली पैटर्न का पालन करने की योजना बनाई है, जिसके तहत प्रति माह 300 यूनिट तक की खपत मुफ्त होगी. 300 यूनिट से अधिक बिजली की खपत करने वालों को भुगतान करना होगा. पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के अधिकारियों ने सरकार को राय दी है कि बिजली फ्री करने के वादे को गर्मियों के मौसम में लागू करने के बजाए मानसून में लागू किया जाना चाहिए. चूंकि कोयले की कमी के चलते पंजाब में बिजली संकट कभी भी गहरा सकता है.

पंजाब की आम आदमी पार्टी वाली भगवंत मान सरकार ने राज्य की जनता के लिए 300 यूनिट फ्री बिजली देने का अपना वादा पूरा करने का ऐलान कर दिया है. राज्य सरकार के फैसले के मुताबिक 1 जुलाई 2022 से राज्य की जनता को 300 यूनिट फ्री बिजली मिलेगी. पंजाब में सरकार का एक महीने का कार्यकाल पूरा होने पर आप सरकार ने समाचार पत्रों में विज्ञापन दिया है, जिसमें कहा गया है कि मुफ्त बिजली का लाभ 1 जुलाई से शुरू किया जाएगा. इसकी औपचारिक घोषणा मुख्यमंत्री भगवंत मान आज कर सकते हैं. जून 2021 में पंजाब के मतदाताओं के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पहली गारंटी 300 यूनिट की मुफ्त बिजली थी. यह वादा नई दिल्ली में उनकी सरकार द्वारा लागू की गई योजना के समान था.

इससे पहले पंजाब के उपभोक्ताओं को देश की सबसे महंगी बिजली मिल रही थी. पंजाब सरकार ने इस लाभ को शुरू करने के लिए दिल्ली पैटर्न का पालन करने की योजना बनाई है, जिसके तहत प्रति माह 300 यूनिट तक की खपत मुफ्त होगी. 300 यूनिट से अधिक बिजली की खपत करने वालों को भुगतान करना होगा. पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के अधिकारियों ने सरकार को राय दी है कि बिजली फ्री करने के वादे को गर्मियों के मौसम में लागू करने के बजाए मानसून में लागू किया जाना चाहिए. चूंकि कोयले की कमी के चलते पंजाब में बिजली संकट कभी भी गहरा सकता है.

वित्तीय वर्ष 2021-22 में राज्य का कुल बिजली सब्सिडी बिल 10,668 करोड़ रुपये था. इसमें से 7,180 करोड़ रुपये किसानों को और 1,627 करोड़ रुपये एससी, पिछड़ी जातियों और बीपीएल परिवारों को सब्सिडी के रूप में दिए गए हैं.