प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को हनुमान जयंती के अवसर पर गुजरात के मोरबी में भगवान हनुमान की 108 फीट ऊंची मूर्ति का अनावरण करेंगे. प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में ये जानकारी दी. पीएमओ के मुताबिक भगवान हनुमान से संबंधित चार धाम परियोजना के तहत देश के चारों दिशाओं में हनुमान की मूर्ति स्थापित की जानी है.

इस कड़ी में यह हनुमान की दूसरी मूर्ति होगी जो पश्चिम दिशा में होगी. इसकी स्थापना मोरबी के बापू केशवानंद आश्रम में की गई है. इस श्रृंखला की पहली मूर्ति साल 2010 में उत्तर दिशा में यानी शिमला में स्थापित की गई है. पीएमओ ने कहा कि दक्षिण दिशा में यह मूर्ति रामेश्वरम में स्थापित की जानी है और इसका काम भी शुरू हो गया है.

पीएम मोदी का ट्वीट

पीएम मोदी ने खुद ट्वीट करते हुए लिखा है, ‘आज हनुमान जयंती है. इस खास मौके पर मोरबी में सुबह 11 बजे हनुमान जी की 108 फुट की प्रतिमा का लोकार्पण होगा. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने का अवसर पाकर मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं.’

2018 में शुरू हुआ था काम

बता दें कि मोरबी में विशाल मूर्ति बनाने का काम 2018 में शुरू हुआ था. कहा जा रहा है कि इसकी लागत 10 करोड़ रुपये है. प्रधानमंत्री मोदी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल होंगे. जबकि गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और दूसरे नेता कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहेंगे.

रामेश्वरम में 108 फुट ऊंची हनुमान प्रतिमा

रामेश्वरम में 108 फुट ऊंची हनुमान प्रतिमा स्थापित की जाएगी. श्री हरीश चंद्र नंदा एजुकेशन एंड चैरिटेबल ट्रस्ट इस मूर्ति की स्थापना करेगा. मूर्ति स्थापित करने के लिए इस साल फरवरी में शिलान्यास किया गया. बाक़ी दो मूर्तियां देश के दूसरे इलाकों में हैं. चौथी मूर्ति के लिए जगह चिह्नित करने की योजना है. ट्रस्ट के मुताबिक पत्थर की मूर्ति का निर्माण मार्च से शुरू होगा और दो साल में काम पूरा होने की उम्मीद है.

कर्नाटक में हनुमान प्रतिमा

इसी हफ्ते कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने पंचमुखी अंजनेय स्वामी की 161 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण करते हुए कहा कि आने वाला समय राज्य के लिए अच्छा होगा. यह प्रतिमा जिले के कुनीगल तालुक में बिदानगेरे में बिदानगेरे बसवेश्वर मठ ने स्थापित की गई है. पंचमुखी अंजनेय हनुमान का एक विशेष रूप है, जिसका रामायण में उल्लेख है. हनुमान ने विश्व कल्याण के लिए यह रूप धारण किया था.