7 करोड़ लोगों की क्षमता, 186 एयरपोर्ट स्टैंड, 10 लाख टन क्षमता वाला कार्गो टर्मिनल और इन सभी बातों के साथ यमुना एक्सप्रेस वे के साथ संपर्क- मेट्रो और हाइ स्पीड रेल भी निकट. यह कोई हवा हवाई बातें नहीं है, बल्कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए आगामी 20 सालों के लिए तैयार की गई एक भव्य योजना है. 25 नवंबर को इस सपने की नींव रखी जाएगी और ऐसा अनुमान है कि 2024 तक यह सपना साकार हो जाएगा. और एयरपोर्ट कार्यरत हो जाएगा. लेकिन कहानी यहीं खत्म नही होती है, उत्तर प्रदेश सरकार और इसे विकसित करने वाले ज्यूरिक अंतरराष्ट्रीय एजी की इसकी सुविधाओं को लेकर बहुत भव्य योजनाएं है.
2022 में होने वाले उप्र विधानसभा चुनाव में योगी सरकार के लिए यह योजना बहुत अहमियत रखती है, यही वजह है कि 25 नवंबर को इसके शिलान्यास के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोनों यहां पर मौजूद होंगे, और एक विशाल सार्वजनिक रैली का आयोजन भी किया जाएगा.

जानकारी के मुताबिक मुख्य एयरपोर्ट पर एक सार्वजनिक परिवहन केंद्र, एक मेट्रो स्टेशन, और एक हाई स्पीड रेल स्टेशन भी होगा. एयरपोर्ट को यमुना एक्सप्रेस वे, नोएडा मेट्रो और हाइ स्पीड रेल लाइन से जोड़ा जाएगा. दिल्ली और वाराणसी के बीच में प्रस्तावित 800 किमी लंबी हाइ स्पीड रेल लाइन का एक स्टेशन नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी होगा.