हरियाणा में कोरोना वायरस की रफ्तार कम हो गई है. इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने सभी पाबंदियां हटा ली हैं. हालांकि सार्वजनिक स्थल पर शारीरिक दूरी का पालन और मास्क पहनना अनिवार्य है. अब न तो प्रदेश में नाइट कर्फ्यू रहेगा और न ही दुकानों या अन्य संस्थानों को खोलने या बंद करने का कोई समय निर्धारित होगा. मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बुधवार को जारी पत्र में कहा कि हर तरह की पाबंदियां हटाई जा रही हैं. हालांकि पत्र में राज्य के लोगों से अपील की गई है कि वे सोशल डिस्टेंसिंग सहित COVID उपयुक्त व्यवहार मानदंडों का सख्ती से पालन जरूर करें.

शैक्षणिक संस्थानों में भी पचास फीसदी बच्चे बुलाने का रोस्टर खत्म होगा. विश्वविद्यालय व कॉलेज ऑफलाइन कक्षाएं चला सकेंगे. आदेशानुसार प्रदेश में महामारी अलर्ट-सुरक्षित हरियाणा के तहत लगाई गई सभी बंदिशों को खत्म कर दिया गया है. अब सभी गतिविधियां पूर्व की तरह सामान्य तरीके से चल सकेंगी. सरकार ने कोरोना के केस बढ़ने पर बीते वर्ष दिसंबर महीने में कड़ी पाबंदियां लगा दी थीं.

हरियाणा में कोरोना की तीसरी लहर दम तोड़ चुकी है. नए मामलों की संख्या 800 से नीचे आ गई है. प्रदेश में बुधवार को 703 नए संक्रमित मिले और पांच की मौत हुई. सक्रिय मरीज भी अब प्रदेश में 5000 से नीचे हैं. गुरुग्राम में 217, पलवल में 103, फरीदाबाद में 53, भिवानी में 51 पंचकूला में 27, हिसार में 31, रोहतक में 22 तथा सोनीपत व अंबाला में 20-20 नए मरीज मिले हैं.

मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बुधवार को बताया कि पत्र डीएमसी-एसपीओ-2020/1325 दिनांक 5 फरवरी से महामारी अलर्ट-सुरक्षित हरियाणा को लेकर जो दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, उनको अब हटाया या वापस लिया जा रहा है. इसके साथ ही राज्य में अब कोरोना को लेकर लगाई गई हर प्रकार की पाबंदी या रोक हट गई हैं.