फीफा  ने तीसरे पक्ष द्वारा गैर जरूरी दखल का हवाला देकर ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) को सोमवार की रात निलंबित कर दिया. इसके साथ ही भारत में 11 से 30 अक्टूबर तक होने वाले फीफा अंडर-17 महिला वर्ल्ड कप की मेजबानी भी खतरे में पड़ गई है. फीफा ने कहा है कि निलंबन तुरंत प्रभाव से लागू होगा. फीफा ने एक बयान में कहा कि निलंबन तभी हटेगा, जब एआईएफएफ कार्यकारी समिति की जगह प्रशासकों की समिति के गठन का फैसला वापस लिया जाएगा और एआईएफएफ प्रशासन को महासंघ के रोजमर्रा के काम का पूरा नियंत्रण दिया जाएगा.

फीफा ने कहा कि इसके मायने हैं कि अंडर-17 महिला वर्ल्ड कप पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भारत में नहीं हो सकता. इसने कहा कि फीफा भारत के खेल मंत्रालय से लगातार संपर्क में है और सकारात्मक नतीजे तक पहुंचने की उम्मीद है. वर्ल्ड कप के मुकाबले 11 से 30 अक्टूबर तक होने हैं. फीफा भी टूर्नामेंट के संबंध में अगले कदमों का आकलन कर रहा है और जरूरत पड़ने पर इस मामले को काउंसिल को भेजेगा.

इससे पहले भारत के पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया ने कहा था पूर्व सीनियर खिलाड़ी ब्रूनो कोटिन्हो और आईएम विजयन अखिल एआईएफएफ के अध्यक्ष पद के लिए योग्य उम्मीदवार हैं. लेकिन वह कोई फैसला करने से पहले मतदाताओं की सूची बनने का इंतजार करना चाहेंगे.

चुनाव अधिकारी ने 67 मतदाताओं की पहली सूची जारी की है, जिसमें 31 राज्य इकाइयों के प्रतिनिधि और 36 फुटबॉल खिलाड़ी शामिल हैं. बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के शामिल होने पर फीफा ने पहले ही इस पर आपत्ति जताई थी.