पंजाब की राजनीति में अपने प्रवेश की घोषणा के बाद बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद की बहन मालविका सूद सच्चर ने मोगा निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस की जिला इकाई के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ जनसभाएं कर अपने राजनीतिक अभियान की शुरुआत कर दी है. उन्होंने चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद अपने भाई सोनू सूद और जिला योजना बोर्ड के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह चारिक और पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष बाबू सिंह के साथ आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सभाओं को संबोधित करने के लिए कम से कम 10 गांवों का दौरा किया है.

बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने बीते रविवार को एक संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की थी कि 39 वर्षीय मालविका चुनाव लड़ेंगी. भले ही मालविका और सोनू सूद ने चुनाव प्रचार कांग्रेस के नेताओं के साथ शुरू किया है, लेकिन उन्होंने अपने गृहनगर से चुनाव लड़ने की बात करते हुए उस पार्टी के नाम का खुलासा करने से इनकार कर दिया जिसमें मालविका शामिल होंगी. मालविका के सियासी प्रचार के चलते मोगा की वर्तमान विधायक हरजोत कमल को अपने टिकट का डर सता रहा है. जिला कांग्रेस इकाई के सूत्रों ने कहा कि मोगा नगर निगम चुनाव में विधायक की पत्नी की हार ने पार्टी के भीतर उनकी स्थिति को कमजोर कर दिया है. उनकी पत्नी रजिंदर कौर मेयर पद के लिए उम्मीदवार थीं, लेकिन वार्ड नंबर 1 से शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की उम्मीदवार हरविंदर कौर गिल से हार गईं. इसके अलावा कांग्रेस ने कुल 50 वार्डों में से केवल 20 पर जीत हासिल की, जबकि 10 निर्दलीय उम्मीदवार बाद में पार्टी में शामिल हुए.

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इंद्रजीत सिंह चारिक ने कहा कि सोनू और मालविका मेरे लिए परिवार की तरह हैं. हम हमेशा एक दूसरे के लिए हैं. इसके अलावा मैं सोनू और मालविका के साथ गांवों में गया था, ताकि उनके मिशन को अपना समर्थन देने के लिए वंचितों और जरूरतमंदों की मदद की जा सके. ये राजनीतिक घटनाएं नहीं थीं और हम सामाजिक कारणों से वहां थे.बाबू सिंह ने कहा कि हमने सोनू सूद के साथ लोगों की समस्या जानने के लिए मुलाकात की. हम सब उनकी समस्या का समाधान करेंगे. ये सामाजिक मेलजोल था. मीडियाकर्मियों से बात करते हुए सोनू सूद ने कहा कि गांवों में ऐसे कई लोग हैं, जिन्हें मदद की जरूरत है, लेकिन उन्हें कोई रास्ता नहीं मिल रहा है. इसलिए हमारा मकसद उन लोगों को ढूंढना है जो लोगों की मदद करने की जिम्मेदारी ले सकें.