दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में सोमवार को विश्वास प्रस्ताव पेश किया. वहीं इस दौरान सदन में इस विश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए आम आदमी पार्टी के विधायक दुर्गेश पाठक ने दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना पर 1400 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया.

विधानसभा को संबोधित करते हुए दुर्गेश पाठक ने आरोप लगाया कि खादी विभाग में गांधी के नाम पर 1400 करोड़ का घोटाला हुआ है. उन्होंने कहा, ‘इस घोटाले को लेकर सीबीआई में मामला दर्ज हुआ, लेकिन इसमें LG का नाम तक नहीं लिखा गया. न सीबीआई ने रेड की, न FIR में नाम लिखा, लीपा पोती कर दी गई.’

दुर्गेश पाठक ने कहा कि हम मांग करते हैं कि सीबीआई की FIR में विनय कुमार सक्सेना का नाम डाला जाए. पाठक के इन आरोपों के बाद सदन में मौजूद आम आदमी पार्टी के विधायक वेल में उतर आए और नारेबाजी करने लगे. उनके हंगामे को देखते हुए सदन की कार्यवाही दोपहर 12:15 तक के लिए स्थगित करनी पड़ी.

इसके बाद आम आदमी पार्टी के सभी विधायकों ने विधानसभा परिसर में गांधी प्रतिमा के पास उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के खिलाफ प्रदर्शन किया. आप विधायकों ने LG का इस्तीफा मांगते हुए आरोप लगाया कि खादी ग्रामोउद्योग का चेयरमैन रहते हुए दिल्ली के मौजूदा एलजी विनय कुमार सक्सेना ने नोटबंदी के दौरान नोटों की अदला-बदली कर 1400 करोड रुपये का भ्रष्टाचार किया है.

इससे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा विश्वास मत का प्रस्ताव पेश करते हुए आम आदमी पार्टी के सारे विधायकों की एकजुटता का सबूत दिया. उन्होंने कहा कि विश्वास मत इसलिए लेकर आए हैं क्योंकि आम आदमी पार्टी का एक एक विधायक कट्टर ईमानदार है. इनका ऑपेरशन लोटस महाराष्ट्र, कर्नाटक, एमपी में पास हो गया, लेकिन दिल्ली में फेल हो गया.

इस दौरान विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों को दिल्ली विधानसभा से मार्शलों की मदद से बाहर कर दिया गया. इससे पहले शुक्रवार को भी बीजेपी के सभी आठ विधायकों को सदन से पूरे दिन की कार्यवाही के लिए मार्शलों के जरिये बाहर निकाल दिया गया था. गौरतलब है कि दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा में आप के 62 और बीजेपी के आठ विधायक हैं.