विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि राष्ट्रीय राजधानी में स्वाइन फ्लू और वायरस संबंधी अन्य रोगों का प्रकोप बढ़ सकता है. दिल्ली में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने के मद्देनजर उन्होंने लोगों को मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने की सलाह दी. आकाश हेल्थकेयर में क्रिटिकल केयर मेडिसीन के वरिष्ठ कंसल्टेंट एवं विभागाध्यक्ष डॉ विशाख वर्मा ने कहा कि स्वाइन फ्लू के लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे होते हैं, ऐसे में लोग अक्सर शुरूआत में इसे गंभीरता से नहीं लेते हैं.

उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू के रोगी को आमतौर पर गले में खराश, पेट दर्द और खांसी की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इसके अलावा, सांस लेने में दिक्कत भी होती है. फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम के श्वसन रोग विभाग के निदेशक डॉ मनोज गोयल ने कहा कि कोविड महामारी के चलते फ्लू का टीकाकरण बाधित हुआ जो स्वाइन फ्लू के मामले में वृद्धि का एक कारण हो सकता है. उन्होंने कहा कि इस वजह से स्वाइन फ्लू का प्रकोप बढ़ सकता है.

सफदरजंग अस्पताल में कम्युनिटी मेडिसीन के प्रमुख डॉ जुगल किशोर ने कहा कि अगस्त-सितंबर में स्वाइन फ्लू के मामलों में वृद्धि देखने को मिल सकती है.

अस्पतालों में बढ़े मरीज

वहीं दिल्ली में कोविड-19 के मामलों में बढ़त के बाद अस्पतालों में भर्ती किये जाने वाले मरीजों की संख्या दोगुनी बढ़ गई है. हालांकि इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोग भी भर्ती किये जा रहे हैं. वैसे तो कोविड-19 संक्रमण में वृद्धि एवं अस्पतालों में रोगियों की भर्ती की संख्या डरावनी स्थिति में नहीं है लेकिन विशेषज्ञों ने मास्क लगाने तथा कोविड-उपयुक्त अन्य व्यवहार के पालन की आवश्यकता दोहरायी है. उल्लेखनीय है कि दिल्ली में पिछले 24 घंटों में 1652 नए संक्रमित मिले हैं. वहीं 8 लोगों ने संक्रमण के चलते दम तोड़ दिया है. स्वास्‍थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 1702 लोगों ने कोरोना संक्रमण को मात दी है. वहीं राहत की खबर ये है कि पॉजिटिविटी रेट में 10 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है और ये अब 9.92 प्रतिशत दर्ज की गई है.