उत्तर प्रदेश में योगी सरकार चार प्रमुख शहरों के लिए जो हेलीपोर्ट सेवा शुरू कर रही है. वहीं कुछ शहरों में रोपवे का निर्माण करा रही है. इसके लिए सरकार ने मुकम्मल कार्ययोजना तैयार की है. अगले छह महीने में आगरा और मथुरा में हेलीपोर्ट सेवा के संचलन के लिए पब्लिक, प्राइवेट पार्टनर (PPP) का चयन हो जाएगा. अगले दो साल में प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर लखनऊ, तीरथ राज प्रयागराज में भी हेलीपोर्ट सेवा शुरू करने का लक्ष्य यूपी सरकार का है. प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम ने बताया कि हेलीपोर्ट सेवा के शुरू होने से 2025 में आयोजित दिव्य एवं भव्य कुंभ को आसमान से कर सकेंगे खूबसूरती का दीदार.

इससे पहले आसमान से ही विंध्याचल और चित्रकूटकी प्राकृतिक खूबसूरती दिखाने के लिए रोपवे सेवा शुरू की जा चुकी है. विंध्याचल में अष्टभुजा एवं कालीखोह रोपवे का संचालन पिछले साल अगस्त से और चित्रकूट रोपवे का संचलन सितंबर 2019 से ही शुरू हो चुका है. अगले छह महीने में आप राधा-कृष्ण और कृष्ण एवं ग्वाल-बालों की क्रीड़ा स्थली ब्रज भूमि के दर्शन के लिए मथुरा में बरसाना का रोपवे भी चालू हो जाएगा. दो साल में प्रयागराज में झूंसी से त्रिवेणी पुष्प तक नए रोपवे का निर्माण कार्य शुरू करने का लक्ष्य पर्यटन विभाग ने तय किया है. चंद रोज पहले मंत्री परिषद के समक्ष प्रस्तुतिकरण के दौरान पर्यटन विभाग ने अपने लिए 100 दिन, दो और पांच साल के लिए जो लक्ष्य तय किया है उसमें भी इन सारी बातों का जिक्र है.

प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम ने बताया कि देश-दुनियां में ब्रांड यूपी और माजबूत करने, स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं राजस्व में वृद्धि का सबसे प्रभावी जरिया है, पर्यटन. हर लिहाज से बेहद सम्पन्न विरासत के नाते उत्तर प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र की असीम संभावनाएं हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि अपनी सम्पन्न विरासत के आधार पर प्रदेश को देश-दुनिया का सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थल बनाया जाय. विभाग उसी मंशा के मद्देनजर काम कर रहा है.