देश में भीषण गर्मी पड़ रही है. तापमान हर दिन नए-नए रिकॉर्ड बना रहा है. बढ़ते तापमान की वजह से देश के कई हिस्सों में आग लगने की घटना सामने आ रही है. जंगलों में भी आग लग रही है. इन सब घटनाओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सख्त नराजगी जताई है. उन्होंने राज्यों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि बढ़ते तापमान के कारण किसी भी राज्य में आग लगने की घटना सामने न आए. एचटी की खबर के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 पर राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बुलाई गई समीक्षा बैठक में यह बात कही है.

अस्पतालों में आग सुरक्षा मानकों का ऑडिट कराएं सरकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों को अगाह किया है कि राज्य सरकार आग लगने की घटना को प्राथमिकता के आधार पर ले और खासकर अस्पतालों में आग से संबंधित सुरक्षा मानकों का अबिलंब ऑडिट करें. दरअसल, तमिलनाडु में एक अस्पताल में आग लग गई थी जिससे प्रधानमंत्री काफी चिंतित दिख रहे थे. इतना ही नहीं देश के कई हिस्सों में आग लगने की घटना पिछले कुछ दिनों में सामने आई है. दिल्ली के लैंडफिल में कई बार आग लगने की घटना सामने आई है. इसके अलावा कचरे के ढेर, जंगल और स्कूल में भी आग लगी है. पिछले सप्ताह हरियाणा के मानेसर में एक झुग्गी में आग लग गई थी जिसमें भारी जान माल के नुकसान की खबर है. इस घटना में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई थी. मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली सहित उत्तर पूर्, मध्य और पूर्वी भारत में हीटवेव की आशंका व्यक्त की है. इसमें बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर भी चेतावनी दी गई है.

जंगलों में आग लगने की 500 घटनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, तापमान बहुत तेजी से बढ़ रहा है. यह समय से पहले से ही बढ़ने लगा है. इस समय में देश के कई हिस्सों में, जंगलों में, महत्वपूर्ण बिल्डिंगों में यहां तक कि अस्पतालों में भी आग लगने के मामले सामने आए है. इस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. आज ही चेन्नई में एक बड़े अस्पताल में आग लग गई है जिसमें 33 मरीजों को अन्य अस्पतालों में शिफ्ट करना पड़ा है. उत्तर प्रदेश की एक केमिकल फैक्टरी में भी आग लग गई थी. 1 अप्रैल तक हिमाचल प्रदेश के जंगलों में करीब 500 आग लगने की घटना सामने आई है. इसमें 3575 हेक्टेयर जमीन पर लगी जंगल के नष्ट होने का अनुमान है. इसमें 92 लाख रुपये की क्षति का अनुमान है.