ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन दो दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंच चुके हैं. उन्होंने गुरुवार सुबह 08:30 बजे अहमदाबाद एयरपोर्ट पर लैंड किया. गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल ने एयरपोर्ट पर ब्रिटिश प्रधानमंत्री का स्वागत किया. वह 08:25 पर होटल हयात पहुंचेंगे, 10:00 बजे साबरमती रिवर फ्रंट जाएंगे, 10:50 बजे उद्योगपति गौतम अडानी से उनकी मुलाकात होगी. करीब 12:15 बजे वह हलोल में जेसीबी प्लांट का दौरा करेंगे. इसके बाद 02:30 बजे गुजरात विश्वविद्यायल के गिफ्ट सिटी का दौरा करेंगे. वह शाम 04:00 बजे अक्षरधाम मंदिर जाएंगे.

यह पहली बार है जब ब्रिटेन का कोई प्रधानमंत्री भारत के 5वें सबसे बड़े राज्य और ब्रिटेन में लगभग आधी ब्रिटिश-भारतीय आबादी के गृह राज्य गुजरात का दौरा कर रहा है. आपको बता दें कि ब्रिटेन में गुजरातियों की एक बड़ी आबादी रहती है. शुक्रवार को, बोरिस जॉनसन, नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में एक औपचारिक स्वागत समारोह में शामिल होंगे और बाद में महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे. यूके के प्रधानमंत्री 22 अप्रैल को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे, जहां नेता यूके और भारत की रणनीतिक रक्षा, राजनयिक और आर्थिक साझेदारी पर गहन बातचीत करेंगे, जिसका उद्देश्य इंडो-पैसिफिक में घनिष्ठ साझेदारी को बढ़ावा देना और सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाना है.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री, भारतीय विदेश मंत्री (ईएएम) एस जयशंकर के साथ भी बातचीत करेंगे. 22 अप्रैल को दोपहर करीब 1 बजे दोनों पक्ष हैदराबाद हाउस में प्रेस ब्रीफ्रिंग करेंगे. इस उच्च स्तरीय यात्रा के दौरान, बोरिस जॉनसन इस साल की शुरुआत में शुरू की गई मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर भी वार्ता करेंगे. पिछले साल, ब्रिटेन और भारत ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर सहमति व्यक्त की थी. इस समझौते के तहत ब्रिटेन ने भारत में 530 मिलियन पाउंड से अधिक के निवेश की घोषणा की थी. इसके अलावा दोनों देशों ने व्यापार, स्वास्थ्य, जलवायु, रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में एक गहरे द्विपक्षीय संबंध के लिए प्रतिबद्धता जाहिर किया था.

अपने साप्ताहिक प्रधानमंत्री के प्रश्नों (पीएमक्यू) के लिए हाउस ऑफ कॉमन्स को संबोधित करते हुए बोरिस जॉनसन ने कहा कि उनकी भारत यात्रा रणनीतिक संबंधों को गहरा करेगी और दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी को मजबूत करेगी. बोरिस जॉनसन ने ब्रिटिश संसद में कहा, ‘मैं दोनों देशों के बीच रणनीतिक और रक्षा व्यापार, लोगों से लोगों के बीच संबंधों को और गहरा करने के लिए भारत की यात्रा कर रहा हूं.’ उम्मीद की जा रही है कि बोरिस जॉनसन भारत में साइंस, हेल्थ और टेक्नोलॉजी से जुड़ी परियोजनाओं में बड़े निवेश का ऐलान कर सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ब्रिटिश समकक्ष बोरिस जॉनसन की आखिरी मुलाकात नवंबर 2021 में ग्लास्गो क्लाइमेट समिट में हुई थी.