दिल्ली में बढ़ते कोरोना वायरस के कहर के बीच एक अहम फैसला लिया गया है. दिल्ली में कोरोना के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए डीडीएमए यानी दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सार्वजनिक जगहों पर मास्क को एक बार फिर से अनिवार्य कर दिया है. बता दें कि इसी महीने की शुरुआत में डीडीएमए ने सार्वजनिक जगहों पर से मास्क की अनिवार्यता खत्म कर दी थी.

दरअसल, राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 के मामलों में तेजी को देखते हुए आज यानी बुधवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के उपायों पर विचार करने के लिए आज यानी 20 अप्रैल को एक अहम बैठक की. इस बैठक में दिल्ली में सार्वजनिक जगह पर मास्क को अनिवार्य करने का फैसला किया गया. इस आदेश के बाद अब मास्क नहीं पहनने पर 500 रुपए जुर्माना होगा.

इससे पहले केजरीवाल सरकार यह इशारा कर चुकी थी कि सरकार जल्द ही कोविड-19 के मामलों में मामूली वृद्धि को देखते हुए स्कूलों के लिए दिशानिर्देश जारी करेगी. दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कुछ स्कूली बच्चों के कोविड से संक्रमित होने की की खबरें आई हैं. ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि क्या स्कूलों को बंद करने का भी फैसला लिया जाएगा? मगर अब डीडीएमए ने स्पष्ट कर दिया है कि दिल्ली में फिलहाल स्कूल बंद नहीं होंगे.

दिल्ली में कोरोना का क्या है ग्राफ

दिल्ली में मंगलवार को कोविड-19 के 632 नए मामले आए, जबकि संक्रमण दर 4.42 प्रतिशत दर्ज की गई है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में कोरोना वायरस के कारण पिछले 24 घंटे में किसी की मौत नहीं हुई है. विभाग ने कहा कि कोविड-19 के 632 नए मामले सामने आए हैं और संक्रमण दर 4.42 प्रतिशत है. राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को कोविड-19 के 501 मामले और किसी की भी मृत्यु नहीं हुई थी, जबकि संक्रमण दर 7.72 प्रतिशत थी। राष्ट्रीय राजधानी में रविवार को 517 मामलों के साथ संक्रमण दर 4.21 प्रतिशत दर्ज की गई थी. नए मामलों के साथ दिल्ली में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 18,69,683 हो गई, जबकि मृतक संख्या 26,160 रही. मंगलवार को जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में कहा गया है कि कुल 1,274 मरीज गृह पृथक-वास में हैं.

डीडीएमए ने इसी महीने मास्क की अनिवार्यता हटाई थी

बता दें कि डीडीएमए ने इस महीने की शुरुआत में सार्वजनिक स्थानों पर मास्क नहीं पहनने पर जुर्माना के फैसले को वापस ले लिया था. फरवरी में, डीडीएमए ने स्थिति में सुधार के मद्देनजर सभी प्रतिबंध हटा दिए थे. महामारी की तीसरी लहर के दौरान इस साल 13 जनवरी को दिल्ली में दैनिक मामलों की संख्या 28,867 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गयी थी. दिल्ली में 14 जनवरी को 30.6 प्रतिशत की संक्रमण दर दर्ज की गई थी, जो महामारी की तीसरी लहर के दौरान सबसे अधिक थी.