वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 2030 को समाप्त होने वाले दशक में भारत का स्थान दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में बना रहेगा. उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से पहले और बाद में किए गए सुधार यह सुनिश्चित करेंगे.

वित्त मंत्री ने क्रिप्टोकरंसी के बढ़ते खतरे पर चिंता जताते हुए कहा कि इसका इस्‍तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग में हो सकता है. सीतारमण ने वॉशिंगटन डीसी में अटलांटिक काउंसिल की ओर से आयोजित चर्चा में कहा कि भारत का आर्थिक सुधार विशिष्ट और स्पष्ट रहा है. कोरोना महामारी से पहले और बाद में भारत ने कई संरचनात्मक सुधार किए और महामारी को भी अवसर में बदला.

वहीं, सीतारमण ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की ओर से मनी पर आयोजित एक अन्य चर्चा में मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग को सभी देशों के लिए खतरनाक करार देते हुए क्रिप्टोकरेंसी को रेगुलेट करने के लिए ग्लोबल फ्रेमवर्क बनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि कोई भी देश अकेले इन खतरों का सामना नहीं कर सकता है.सभी देशों के लिए यह मुद्दा चिंता का विषय है.

आईएमएफ प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा की मेजबानी में हो रहे इस सत्र में निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस खतरे को रोकने के लिए कोई वैश्विक रणनीति बनानी होगी. वित्तमंत्री ने यह बात ऐसे समय में कही है जबकि भारत क्रिप्टोकरेंसी समेत सभी वर्चुअल डिजिटल संपत्ति को रेगुलेट करना चाह रहा है. सरकार 6 महीने में इस दिशा में ठोस कदम उठा सकती है. भारत ने 1 अप्रैल से क्रिप्टोकरेंसी को 30 फीसदी टैक्‍स के दायरे में भी ला दिया है.