वाट्सऐप की कंपनी मेटा और वाट्सऐप यूजर्स दोनों के लिए अच्छी खबर है. अभी तक सीमित वाट्सऐप अपनी पेमेंट सर्विस कुछ ही यूजर्स तक पहुंचा पा रहा था, लेकिन अब उसे अपने बिजनेस या कहें कि यूजर बेस को बढ़ाने के लिए हरी झंडी मिल गई है. नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बुधवार को वाट्सऐप को 100 मिलियन यूजर तक अपनी सेवा पहुंचाने की अनुमति दे दी है.

बता दें कि इस अनुमति के बाद वाट्सऐप अपने यूजर बेस में 60 मिलियन नए यूजर जोड़ पाएगा, जिससे कि उससे बिजनेस को गति को मिलेगी ही, साथ ही ज्यादा यूजर वाट्सऐप पेमेंट के जरिए एक-दूसरे से लेन-देन कर पाने में भी सक्षम होंगे. अभी तक वाट्सऐप पेमेंट की सर्विस 40 मिलियन यूजर तक ही पहुंची थी.

वाट्सऐप पेमेंट के सीमित यूजर्स की कहानी

नवम्बर 2020 में एनपीसीआई ने वाट्सऐप को मल्टी-बैंक मॉडल आधारित यूपीआई में प्रवेश की अनुमति दी थी. तब वाट्सऐप को अधिकतम 20 मिलियन यूजर्स के साथ शुरुआत करने को कहा गया था. इसके एक साल बाद एनपीसीआई ने इस संख्या को दोगुना मतलब 40 मिलियन करने की अनुमति दे दी थी.

द लाइव मिंट की एक खबर के अनुसार, वाट्सऐप 2018 से ही अपने बीटा मोड में केवल 1 मिलियन यूजर्स के साथ यूपीआई बेस्ड पेमेंट सिस्टम वाट्सऐप पे (WhatsApp Pay) चला रहा था. इसकी मुख्य वजह था रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की डेटा लोकलाइजेशन की पॉलिसी, मतलब डेटा सेंटर देश में ही स्थापित करने की नीति. वाट्सऐप द्वारा पॉलिसी के सभी शर्तें पूरा करने के बाद NPCI ने रिजर्व बैंक को बताया कि वह वाट्सऐप द्वारा डेटा स्टोरेज नियमों के पालन करने से संतुष्ट है और इस सेवा को लाइव किया जा सकता है.

फोन पे और गूगल पे से काफी पीछे

चूंकि वाट्सऐप के पास बेहद कम यूजर थे तो उसकी ट्रांजेक्शन्स की संख्या भी काफी कम रही है. यदि हम मार्च की बात करें तो वाट्सऐप पर 2.54 मिलियन ट्रांजेक्शन्स हुई हैं जिसमें 239.78 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है. इसी समयावधि में गूगल पे पर 1.8 बिलियन पेमेंट ट्रांजेक्शन्स हुई हैं और फोन पे पर 2.5 बिलियन पेमेंट टांजेक्शन्स हुई हैं. अब चूंकि वाट्सऐप अपनी सेवा का विस्तार करेगा तो दो बड़े प्लेटफॉर्म्स फोन पे और गूगल पे को कड़ी टक्कर मिलने के आसार हैं.