आईपीओ में निवेश करने वालों के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने बड़ी राहत दी है. सेबी ने इंडिविजुअल निविशकों के लिए आईपीओ में यूपीआई से पेमेंट की लिमिट में संशोधित करते हुए इसे बढ़ा दिया है. सेबी ने कहा है कि इक्विटी शेयरों और कन्वर्टिबल सिक्योरिटी के पब्लिक इश्यू के लिए आवेदन करने वाले व्यक्तिगत निवेशक अब यूपीआई यानी यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (Unified Payment Interface-UPI) के माध्यम 5 लाख रुपये तक का भुगतान कर सकते हैं. 1 जुलाई, 2019 से आईपीओ में बोली लगाने के लिए यूपीआई का इस्तेमाल किया जा रहा है.

सेबी ने बताया कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के भुगतान संबंधी नियम बदलने के बाद यह कदम उठाया गया है. NCPI ने यूपीआई में प्रति लेनदेन की सीमा को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया है. नए नियम 1 मई से लागू होंगे.

सेबी ने इंडिविजुअल निवेशकों से बोली लगाने के आवेदन फार्म में UPI आईडी देने के लिए भी कहा गया है. सेबी ने कहा है कि निवेशक अगर सिंडिकेट मेंबर, शेयर ब्रोकर, डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट्स, किसी इश्यू के रजिस्ट्रार और शेयर ट्रांसफर एजेंट के माध्यम से फॉर्म जमा करते हैं, तो उन्हें यूपीआई आईडी देने होगी.

1 मई से लागू होगा नया नियम

सेबी ने कहा है कि यूपीआई पेमेंट के नए नियम 1 मई, 2022 को या उसके बाद खुलने वाले पब्लिक इश्यू पर लागू होंगे. सेबी द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया है कि एनपीसीआई की बढ़ी हुई यूपीआई पेमेंट की लिमिट की समीक्षा कर ली गई है. 80 फीसदी इंटरमीडयरी ने नए नियम के मुताबिक बदलाव करने पर सहमति व्यक्त की है.

NPCI ने दिसंबर में बढ़ाई थी लिमिट

NPCI ने दिसंबर में UPI के जरिये आईपीओ (IPO) और सरकारी बॉन्ड्स में होने वाले निवेश की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया था. यह सुविधा यूपीआई आधारित एप्लिकेशन सपोर्टेड बाय अमाउंट (एएसबीए) आईपईओ के लिए है. एनपीसीआई ने कहा कि उसने निवेश में यूपीआई के इस्‍तेमाल को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया गया है.