बढ़ती महंगाई और घटती नौकरी के मोर्चे पर एक राहत की खबर आती दिख रही है. अप्रैल-जून तिमाही में तेजी से नौकरियों की संख्या बढ़ने वाली है. कोविड-19 महामारी का प्रभाव कम होने और ऑफिसों के दोबारा खुलने से प्रतिभाओं की मांग बढ़ने के बीच 54 प्रतिशत नियोक्ताओं ने मौजूदा तिमाही में भर्तियां करने की मंशा जताई है.

वित्त वर्ष 2022-23 की अप्रैल-जून तिमाही के लिए टीमलीज सर्विसेज की तरफ से तैयार ‘रोजगार दृष्टिकोण रिपोर्ट’ के अनुसार इस तिमाही में नियुक्ति संबंधी गतिविधियों में वृद्धि हो रही है. कंपनियां इस तिमाही में तेजी से हायरिंग करेंगी.

54 प्रतिशत नियोक्ताओं ने नियुक्ति करने की इच्छा जताई 

इस रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल-जून तिमाही में 54 प्रतिशत नियोक्ताओं ने नियुक्ति करने की इच्छा जताई है जो जनवरी-मार्च तिमाही की तुलना में चार प्रतिशत अधिक है. एक्सपर्ट भी मान रहे हैं कि स्थिति में काफी सुधार हुआ है. लिहाजा नई नौकरियां बढ़ेगी.

टीमलीज ने कहा, ‘‘कर्मचारियों के फिर से कार्यालयों में लौटने और सकारात्मक आर्थिक वृद्धि अनुमान के साथ सभी क्षेत्रों में प्रतिभाशाली लोगों की मांग बढ़ रही है.’’

ऑफिस खुलने से नई नौकरी बढ़ेंगी

उन्होंने कहा कि नियुक्ति की मंशा में कुल वृद्धि नरम रह सकती है लेकिन 14 से अधिक क्षेत्रों में दस प्रतिशत से अधिक वृद्धि की उम्मीद है. यह दर्शाता है कि सुस्त या नरम दृष्टिकोण जल्द ही कम हो जाएगा और कार्यबल बढ़ाने की जरुरत बढ़ेगी. यह रिपोर्ट देश के 21 क्षेत्रों में सक्रिय 796 छोटी, मध्यम और बड़ी आकार की कंपनियों के बीच कराए गए सर्वेक्षण पर आधारित है.

सुधर रही स्थिति

मार्च में भारत की बेरोजगारी दर में गिरावट देखने को मिली है. सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के मासिक आंकड़ों के मुताबिक, देश में बेरोजगारी की दर फरवरी में 8.10% थी, जो मार्च में घटकर 7.60% रह गई. CMIE के आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2022 में शहरी बेरोजगारी की दर 8.50% और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह 7.10% रही है. छत्तीसगढ़ रोजगार के मामले में सबसे आगे रहा. यहां बेरोजगारी दर देश में सबसे कम 0.60% रही.

CMIE के मुताबिक 2021 में मई में बेरोजगारी दर 11.84% पर पहुंच गई थी. हालांकि इसके बाद इसमें गिरावट देखने को मिली और ये जनवरी 2022 में 6.57% पर आई थी, लेकिन फरवरी में ये फिर 8.10% पर पहुंच गई थी जो अब 7.60% पर आ गई.