मेयर मुकेश सूर्यन के आदेश के बाद दक्षिणी दिल्ली के मीट दुकानदारों में हलचल मच गई है. अचानक मिले निर्देश के बाद अब उन्हें अपने नुकसान की चिंता सताने लगी है. वहीं, मेयर के आदेश के बाद दक्षिण दिल्ली में मीट की दुकानों को बंद कर दिया गया है. इस दौरान एक दुकान के मालिक ने बताया कि यहां करीब 1000 लोग इस कारोबार से जुड़े हैं. दुकानें बंद करने का अचानक निर्देश आया है. हमारे दुकानों में लाखों रुपये का सामान रखा है जो तब तक सड़ जाएगा. सरकार को पहले बताना चाहिए था.

मेयर मुकेश सूर्यन ने सोमवार को बताया कि धार्मिक मान्यताएं और भक्तों की भावनाएं प्रभावित होती हैं, जब वे नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की पूजा करने के लिए जाते हुए मांस की दुकानों के सामने से गुजरते हैं. उन्होंने कहा कि  नवरात्रि में दिल्ली के 90 फीसदी घरों में प्याज और लहसुन तक नहीं खाई जाती है, तो हमने फैसला किया है कि दक्षिण MCD में इस दौरान किसी भी मीट की दुकान पर न ही काम होगा और न ही दुकान खुलेंगी. उन्होंने आगे बताया कि अब से नए लाइसेंस की पॉलिसी में भी यह बात लिखी होगी कि नवरात्रि में मीट की दुकान बंद रखनी होगी.

वहीं बता दें कि अब दक्षिणी दिल्ली के बाद पूर्वी दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में भी नवरात्रि के दौरान मीट की दुकान बंद रखने की मांग उठने लगी है. पूर्वी दिल्ली के मेयर श्याम सुंदर अग्रवाल ने कहा है कि नवरात्रि में इस इलाके में मीट की दुकानें बंद रहनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मने अपील की है कि नवरात्रि पर मीट विक्रेता दुकानें बंद रखें. इसके अलावा हमारा नियम है कि सप्तमी, अष्टमी और नवरात्रि के दिन स्लाटर हाउस बंद रहेंगे. इसके लिए हमने आज बैठक भी बुलाई है. इसका सख्ती से पालन कराया जाएगा.

यह सद्भाव को बढ़ावा देगा

मेयर अग्रवाल ने मीट की दुकानें बंद करने की अपील करते हुए कहा, ‘हम नवरात्रि में प्याज-लहसुन तक नहीं खाते हैं. इसलिए, मैंने सभी मांस विक्रेताओं से हिंदू भावनाओं को समझने और इन दिनों अपनी दुकानें बंद रखने की अपील की है. यह सद्भाव को बढ़ावा देगा.’