जम्मू-कश्मीर का माहौल बदल रहा है. इसका प्रमाण है, अभी मार्च के महीने में ही राज्य में पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या. ताजा आंकड़े बताते हैं कि बीते महीने करीब 1.8 लाख पर्यटक कश्मीर घाटी के विभिन्न दर्शनीय स्थलों में पहुंचे हैं. यह बीते 10 साल का सबसे बड़ा आंकड़ा है.

कश्मीर पर्यटन विभाग ने यह आंकड़ा जारी करते हुए उम्मीद जताई है कि आने वाले महीनों में पर्यटकों की संख्या उल्लेखनीय स्तर तक बढ़ सकती है. कारण कि 30 जून से 43 दिन चलने वाली अमरनाथ यात्रा भी शुरू होने वाली है. यह घाटी में धार्मिक पर्यटन का बड़ा मौका होता है. इस बारे में पर्यटक विभाग के निदेशक जीएन ईटू ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ बातचीत के दौरान कहते हैं, ‘यह सभी पक्षों का साझा प्रयास का नतीजा है कि घाटी फिर अपने पुराने दिनों की ओर लौट रही है.’ उन्होंने बताया कि इस साल अगले 2 महीने के लिए घाटी के सभी होटल और शिकारे आदि बुक हो चुके हैं. यह एक अच्छा संकेत है.

ऐसे ही पर्यटन सचिव सरमाद हफीज बताते हैं, ‘हमने बीते कुछ महीनों में भुवनेश्वर, बेंगलुरू, कोलकाता जैसे कई शहरों में रोड शो और अन्य कार्यक्रम किए. वहां लोगों को कश्मीर घूमने का न्यौता दिया. अब इन प्रयासों का नतीजे सामने आने लगे हैं. हमारी कोशिश है कि कश्मीर आने वालों को यादगार अनुभव हों. इसलिए हमने कई और पहल की हैं. जैसे- इस साल जो पर्यटक ट्यूलिप गार्डन घूमने आ रहे हैं, उनके लिए हमने वहीं परंपरागत कश्मीरी व्यंजनों को स्टाल भी लगाए हैं. इसी तरह जबरवान पार्क में हॉट एयर बैलून से सैर करने की सुविधा दे रहे हैं. कई अन्य स्थलों पर पैराग्लाइडिंग भी शुरू करने वाले हैं. ये सुविधाएं लोगों को लुभा रही हैं.’

तीन साल बाद अब अमरनाथ यात्रा से भी पूरी उम्मीद

जम्मू-कश्मीर पर्यटन विभाग को जून में शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा से भी पूरी उम्मीद है. यह यात्रा 3 साल बाद संभवत: निर्बाध पूरी संपन्न हो सकेगी. साल 2019 में जब केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 निष्क्रिय किया था, तब सुरक्षा कारणों से अमरनाथ यात्रा बीच में ही रोक दी गई थी. इसके बाद 2020 और 2021 में देशभर में फैसले कोरोना संक्रमण यह यात्रा स्थगित की गई.