जेल में बंद किसी आरोपी या सजायाफ्ता को कोई बैंक लोन नहीं देता है. जेल में रहने की वजह से उन कैदियों के परिवार वालों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होती है. खासकर तब जब कैदी अपने परिवार में अकेला कमाने वाला होता है. आर्थिक तंगी से जूझ रहे ऐसे कैदी अब पर्सनल लोन सकेंगे, वो भी बिना किसी गारंटर के और कम ब्याज दर पर. भारत में ऐसा पहली बार हो रहा है.

यहां मिलेगा कैदियों को लोन

महाराष्‍ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने जेल में बंद कैदियों को लोन देने का फैसला किया है. पुणे की यरवदा जेल में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस योजना को शुरू किया जाएगा. इसके तहत कैदियों को 50,000 रुपये तक का पर्सनल लोन मिलेगा. महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक इस योजना में 7 प्रतिशत ब्याज दर पर कैदियों लोन देंगे. जेल में किए गए काम के बदले उन्हें ये लोन मिलेगा. महाराष्ट्र सरकार का दावा है कि देश में ऐसा पहली बार हो रहा है जब जेल में बंद कैदियों को लोन की सुविधा दी जा रही है.

गारंटर जरूरी नहीं होगा

कैदियों की आमदनी, रोजाना की मजदूरी, सजा अवधि, सजा से संभावित राहत, उम्र आदि के आधार सहकारी बैंक लोन देंगे. इस लोन के लिए किसी गारंटर की जरूरत नहीं पड़ेगी. सिर्फ पर्सनल गारंटी पर लोन दिया जाएगा.

मिली जानकारी के मुताबिक, पुणे की यरवदा जेल के करीब 1,055 कैदी शुरुआत में इस योजना का लाभ उठा सकेंगे. इनमें से कई कैदी लंबी सजा काट रहे हैं. इनमें से ज्यादातर कैदी अपने परिवार के प्रमुख कमाऊ सदस्य थे. जेल में आने के बाद उनका परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा है. उन कैदियों को परिवार की जरूरतों को पूरा करने और अन्य कामों के लिए लोन मुहैया कराया जाएगा. लोन की राशि का इस्तेमाल ये कैदी वकील की फीस भरने में भी कर सकेंगे.