दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर हुए हमले को लेकर आम आदमी पार्टी ने बड़ा कदम उठाया है. अरविंद केजरीवाल के घर पर हुए हमले का मामला अब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है और इस पूरे मामले में एसआईटी जांच की मांग की गई है. आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने बुधवार को दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास के बाहर तोड़फोड़ के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया. याचिका में घटना की स्वतंत्र आपराधिक जांच करने के लिए एक विशेष जांच दल के गठन की मांग की गई है.

बता दें कि भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान अरविंद केजरीवाल के घर पर जमकर बवाल हुआ था और इस दौरान सीसीटीवी कैमरे और सिक्योरिटी बैरियर तोड़ दिए गए थे. इतना ही नहीं, गेट पर लगे बूम बैरियर भी तोड़ दिए गए थे और घर के गेट पर भगवा रंग के पेंट फेंके गए थे. आम आदमी पार्टी ने इस हमले का आरोप भाजपा पर लगाया था. मनीष सिसोदिया ने यहां तक कह डाला था कि भाजपा अरविंद केजरीवाल की हत्या करवाना चाहती है.

दरअसल, बुधवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के अध्यक्ष तेजस्वी सूर्य के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में केजरीवाल के आवास पर प्रदर्शन किया और कथित तौर पर कश्मीरी पंडितों का ‘मजाक उड़ाने’ के लिये उनसे माफी की मांग की. वहीं, केजरीवाल के आवास पर हमले के बाद दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को आरोप लगाया कि पंजाब विधानसभा चुनाव में हार के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ‘हत्या’ करना चाहती है.

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने कहा कि इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस उपायुक्त (उत्तर) सागर सिंह कल्सी ने कहा कि आईपीसी की धारा 186 (सरकारी कर्मचारी के कार्य में बाधा डालना), धारा 188 (लोक सेवक द्वारा जारी आदेश का उल्लंघन), धारा 353 (सरकारी कर्मचारी को हमला या आपराधिक बल के जरिए कर्तव्य निर्वहन से रोकना) और सार्वजनिक संपत्ति क्षति रोकथाम अधिनियम की धारा 3 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. इतना ही नहीं, इस मामले में पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है.