पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ने के पीछे सरकार ने रूस को जिम्‍मेदार ठहराया है. वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारमण  ने कहा है कि पूर्व की यूपीए सरकार के तेल बॉन्‍ड और रूस के यूक्रेन पर हमला करने की वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं.

वित्‍तमंत्री ने राज्‍यसभा में एक सवाल के जवाब में कहा, ग्‍लोबल मार्केट में सप्‍लाई बाधित होने की वजह से पिछले कुछ सप्‍ताह से क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज उछाल आया है. इसके अलावा पूर्ववर्ती यूपीए सरकार की ओर से जारी किए गए 2 लाख करोड़ रुपये के ऑयल बॉन्‍ड का असर भी पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों पर पड़ रहा है. हालांकि, सरकार इससे निपटने के लिए लगातार कदम उठा रही है.

2026 तक दिखेगा असर

वित्‍तमंत्री ने कहा कि ऑयल बॉन्‍ड के एवज में साल 2026 तक ब्‍याज का भुगतान करना है. इसका सीधा असर टैक्‍सपेयर्स के पैसों पर पड़ेगा. एक दशक पहले जारी किए गए ऑयल बॉन्‍ड का खामियाजा उपभोक्‍ताओं को आज भी भुगतना पड़ रहा है, जिसके परिणामस्‍वरूप खुदरा बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा हो रहा है.

सेस और सरचार्ज पर ये दिया जवाब

विपक्ष की ओर से ज्‍यादा सेस और सरचार्ज वसूले जाने के सवाल पर वित्‍तमंत्री ने कहा, इसका इस्‍तेमाल सामाजिक सुरक्षा वाली योजनाओं में होता है. उन्‍होंने कहा कि 2013 से 2022-23 तक हेल्‍थ और एजुकेशन सेस के रूप में 3.8 लाख करोड़ की वसूली हुई, जबकि 3.90 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए. इसमें से ज्‍यादातर धनराशि केंद्र की ओर से राज्‍यों में चलाई जा रही सामाजिक योजनाओं पर खर्च की गई है.