यूक्रेन रूस के बीच युद्ध शुरू हुए 32 दिन बीत चुके हैं. सोमवार को जंग का 33वां दिन है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की  का कहना है कि वह रूस को सुरक्षा की गारंटी देने, तटस्थ रहने और खुद को न्यूक्लियर फ्री स्टेट घोषित करने करने के लिए तैयार हैं. दोनों देशों के बीच चल रहे युद्ध के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है.

तुर्की के इस्तांबुल में दोनों देशों के प्रतिनिधि आज एक बार फिर से आमने-सामने बैठकर बातचीत करेंगे. लेकिन इस वार्ता से पहले राष्ट्रपति जेलेंस्की से साफ शब्दों में कहा है कि वो पुतिन की गैरवाजिब मांगों के आगे नहीं झुकने वाले है. इस वार्ता से पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि अगर रूस डिनैजिफिकेशन और असैन्यीकरण की बातें करेंगे तो हम बातचीत की मेज पर भी नहीं बैठेंगे. ये चीजें हमारी समझ के परे हैं.

रूस-यूक्रेन के बीच अब तक 28 फरवरी, 1 मार्च और 7 मार्च को शांति वार्ता हो चुकी है, लेकिन सुलह की राह नहीं निकल सकी है. सोमवार की मीटिंग से पहले तुर्की के राष्ट्रपति तैयपे अर्दोगन ने कहा है कि 6 प्वाइंट में से 4 पर दोनों देशों के बीच सहमति बन गई है, जिसमें यूक्रेन के NATO में शामिल नहीं होने की शर्त भी शामिल है.

जैविक हथियारों के दावों को किया खारिज

रूस ने यूक्रेन पर परमाणु और जैविक हथियार हासिल करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया है. जेलेंस्की ने इसे खारिज कर दिया. उन्होंने कहा- ‘ये एक मजाक है, हमारे पास परमाणु हथियार नहीं हैं. हमारे पास जैविक प्रयोगशालाएं और रासायनिक हथियार नहीं हैं. ये चीजें यूक्रेन के पास नहीं हैं.’

जेलेंस्की के बयानों से अब ये भी लगने लगा कि रूसी हमलों से यूक्रेनी सेना के हौसले अब पस्त होने लगे हैं, हथियारों की कमी हो रही है और बिना हथियार के कोई भी सेना दुश्मन का मुकाबला नहीं कर सकती है. हाल ही में राष्ट्रपति ने कहा था कि यूक्रेन रूस की मिसाइलों का मुकाबला शॉटगन और मशीनगन से नहीं कर सकता. बिना टैंक, बख्तरबंद गाड़ियों और खासतौर पर जेट्स के बिना अब मारियूपोल को बचाना संभव नहीं है.

छह वार्ता बिंदुओं में 4 पर सहमति बनने का दावा

व्लादिमीर मेडिंस्की ने कहा कि शांति वार्ता मंगलवार (29 मार्च) से शुरू होगी और बुधवार (30 मार्च) को समाप्त होगी. तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयब एर्दोगन  ने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच छह वार्ता बिंदुओं में से चार पर सहमति बन गई है. इसमें यूक्रेन का NATO में शामिल नहीं होना, यूक्रेन में रूसी भाषा का इस्तेमाल, निरस्त्रीकरण और सुरक्षा गारंटी शामिल है. हालांकि, यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने कहा कि रूस के साथ प्रमुख बिंदुओं पर ‘कोई सहमति नहीं’ बनी है. दोनों मुल्कों के बीच कई दौर की वार्ता में इन मुद्दों पर चर्चा हुई है.