केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा तय मानकों की अनदेखी कर प्रेशर कुकर बेचने पर ई-कॉमर्स कंपनी पेटीएम मॉल और स्नैपडील पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. यह प्रेशर कुकर घरेलू प्रेशर कुकर (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश-2020 (क्यूसीओ) का अनुपाल नहीं करते थे.

कंपनियों द्वारा बेचे गए इन प्रेशर कुकर्स को वापस मंगाने और ग्राहकों द्वारा दी गई राशि को वापस करने का आदेश दिया गया है. गौरतलब है कि पेटीएम मॉल ने प्रिस्टीन और क्यूबा कंपनियों के प्रेशर कुकर बेचे जबकि उनके विवरण में स्पष्ट था कि इन कुकर पर आईएसआई मार्क नहीं है. वहीं, स्नैपडील ने सारांश एंटरप्राइजेज और एज़ी सेलर्स के कुकर बेचे जो तय मानकों के अनुरुप नहीं थे.

स्नैपडील ने नियामक के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वह केवल बिचोलिया है और विक्रेता द्वारा उनके प्लेटफॉर्म पर बेची जा रही सामग्री से जुड़ी जानकारी देने की ज़िम्मेदारी उसकी नहीं है. इस पर नियामक ने कहा कि आप अपने प्लेटफॉर्म पर होने वाले हर लेन-देन से मुनाफा कमाते हैं ऐसे में सामग्री से जुड़े ऐसे मामले सामने आने पर आप अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकते. नियामक ने 45 दिन के अंदर अनुपालन रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया है.

आदेश को चुनौती देगी स्नैपडील

स्नैपडील ने कहा है कि उसके लिए उपभोक्ताओं का हित सर्वोपरि है लेकिन वह नियामक के फैसले को चुनौती देगा. बकौल स्नैपडील, नियामक ने बीआईएस अधिनियम, कोपरा और उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम 2020 के तहत ऐसे मामलों में बाज़ार और विक्रेता की ज़िम्मेदारियां तय हैं जिनकी अनदेखी की गई है. हालांकि, स्नैपडील ने यह भी कहा है कि वह उन सभी उपभोक्ताओं को मानक अनुरुप प्रेशर कुकर भेजेगी जिन्हें यह खराब कुकर बेचे गए थे.

पहले भी खराब प्रेशर कुकर पर जारी हुए नोटिस

इससे पहले भी नवंबर में बीआईएस मानकों की अनदेखी कर प्रेशर कुकर बेचने पर ई-कॉमर्स कंपनियों को नोटिस जारी किया जा चुका है. इन कंपनियों में  अमेजन, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील, शॉपक्लूज और पेटीएम मॉल शामिल हैं. 14 मार्च को उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने बताया था कि बीआईएस ने बगैर आईएसआई मार्क वाले 1,032 प्रेशर कुकर ज़ब्त किए हैं.