म्‍यूचुअल फंड में निवेश करने वालों के लिए बेहद जरूरी खबर है. बाजार नियामक सेबी ने बदलाव करते हुए म्‍यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए अब चेक, बैंक ड्राफ्ट या अन्‍य भौतिक माध्‍यम से भुगतान को बंद कर दिया है.

बदलाव के तहत 1 अप्रैल, 2022 से म्‍यूचुअल फंड में पैसे लगाने के लिए आपको सिर्फ यूपीआई अथवा नेटबैंकिंग के जरिये ही भुगतान करना होगा. कुल मिलाकर 31 मार्च से चेक-डीडी के जरिये म्‍यूचुअल फंड में पैसे लगाने की सुविधा बंद हो जाएगी और सिर्फ डिजिटल माध्‍यम से ही इसमें निवेश किया जा सकेगा.

और आसान हो जाएगा भुगतान

नेटबैंकिंग और यूपीआई के जरिये म्‍यूचुअल फंड में निवेश की सुविधा शुरू होने के बाद इसमें भुगतान और आसान हो जाएगा. बाजार विश्‍लेषकों का कहना है कि म्‍यूचुअल फंड एप या अन्‍य डिजिटल प्‍लेटफॉर्म के जरिये इसमें पैसे लगाने वालों के लिए अब और आसान हो जाएगा. साथ ही भुगतान में लगने वाली देरी भी खत्‍म हो जाएगी.

NEFT-RTGS से नहीं होगा भुगतान

म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए न सिर्फ चेक और डीडी से भुगतान को बंद किया गया है, बल्कि NEFT-RTGS जैसे डिजिटल माध्‍यमों से भी पैसे नहीं लगाए जा सकेंगे. सिस्‍टम अपडेट होने के बाद इन विकल्‍पों के जरिये भुगतान की सुविधा भी खत्‍म हो जाएगी. इसमें ट्रांसफर लेटर्स, बैंकर्स चेक, पे ऑर्डर जैसे विकल्‍प भी आते हैं.

महामारी ने बदल दी भुगतान की दुनिया

कोरोना महामारी के दौरान देश में भुगतान का तरीका पूरी तरह बदल गया है. अधिकतर लोग नकदी की जगह डिजिटल भुगतान को पसंद करने लगे हैं और इस दौरान डिजिटल लेनदेन भी कई गुना तक बढ़ गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों ने यूपीआई और नेटबैंकिंग जैसे सुविधाजनक भुगतान विकल्‍पों का बखूबी इस्‍तेमाल करना शुरू कर दिया है.