डब्‍लयूएचओ ने यह जानकारी अपनी एक रिपोर्ट में दी है. अपनी रिपोर्ट में उसने कहा है कि 16 फरवरी से 17 मार्च के बीच दुनिया में आए कुल मामलों में 13 फीसदी मामले पहले के वरिएंट्स BA.1 और BA.1.1 के थे.

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने कहा है कि ओमिक्रॉन का BA.2 वेरिएंट पहले से ही अमेरिका में बढ़ रहा है. इसके साथ ही 2021 के अंत से ही पूरी दुनिया में इस वेरिएंट के केस में बढ़ोतरी हो रही है. यह अफ्रीका, एशिया, यूरोप और खाड़ी देशों में देखने को मिल रहा है.

इससे पहले जब 8 मार्च को डब्‍ल्‍यूएचओ ने रिपोर्ट जारी की थी, तब उसने कहा था कि पूरी दुनिया में उस समय BA.1.1 वरिएंट ही सबसे अधिक फैला है और तब BA.2 के केस 34 फीसदी थे.

डब्‍ल्‍यूएचओ की कोविड 19 टेक्निकल टीम की प्रमुख डॉ. मारिया वैन करखोव का कहना है कि इस समय भी हमारी कोरोना वैक्‍सीन सकारात्‍मक काम कर रही हैं. ये वैक्‍सीन गंभीर मामलों और मौतों को रोकने में अहम हैं. वैक्‍सीन BA.1 और BA.2 पर भी कारगर हैं.

वैज्ञानिकों को कहना है कि BA.2 वेरिएंट के मामले तेजी से बढ़ने का कारण इसका अलग प्रकार का म्‍यूटेशन जिम्‍मेदार है. वहीं इसमें आठ म्‍यूटेशन पाए गए, जो कि BA.1 में नहीं थे.