चीन में पिछले तीन दिनों से कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है. पिछले 24 घंटे में देश में 5,280 नए मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें 3,507 घरेलू केस हैं. महामारी की वुहान से हुई शुरुआत के बाद से दूसरी बार ये सर्वाधिक मामले हैं. बढ़ते मामलों को देखते हुए चीन के 13 शहरों और काउंटियों में लॉकडाउन लगा दिया गया है. जानकारी के मुताबिक वायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट का नया स्वरूप देश में फैल चुका है. कोरोना की वजह से लगाए गए लॉकडाउन (Lockdown) के कारण करीब 5 करोड़ चीनी नागरिक अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं.

मौजूदा लहर में कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित जिलिन प्रांत है. इसके अलावा चीन का तकनीकी हब कहे जाने वाले शेनझेंग प्रांत में भी सख्त पाबंदियां लगा दी गई हैं. शंघाई में दो और शेनझेंग में एक अस्पताल भी 12 मार्च से पहले बन चुके हैं. इसके अलावा कोरोना प्रसार रोकने के लिए बड़े स्तर पर देशभर में टेस्टिंग बढ़ा दी गई है. जिलिन प्रांत में लोगों ने अब तक छह दौर की जांच पूरी कर ली है. ये तैयारियां बताती हैं कि चीन में करीब एक माह से चौथी लहर फैल चुकी है.

जिलिन प्रांत के बाहर ट्रैवल पर बैन

उत्तर कोरिया बॉर्डर पर स्थित जिलिन प्रांत के लोगों पर प्रांत से बाहर और आसपास के इलाकों पर ट्रैवल बैन लगा दिया गया. जिलिन के गवर्नर ने सोमवार रात इमरजेंसी मीटिंग में एक हफ्ते के भीतर जीरो कोविड का टारगेट तय किया.

ओमिक्रॉन का बीए.2 वैरिएंट ज्यादा खतरनाक

चीन में गुप्त ओमिक्रॉन (बीए.2) बहुत तेजी से फैल रहा है. इसे मूल ओमिक्रॉन स्वरूप से दस गुना ज्यादा शक्तिशाली बताया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, चीन के कई शहर इन दिनों इसी वायरस की चपेट में हैं. दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची बिल्डिंग शंघाई टावर को भी सील कर दिया गया है. इसके अलावा और भी कई शहरों में सख्त उपाय लागू कर दिए गए हैं.

एक्सपर्ट बोले- यह बहस करने का वक्त नहीं

कोरोना के बेकाबू रफ्तार के बीच इन्फेक्शियस डिसीज एक्सपर्ट और वायरोलॉजिस्ट झेंग वेनहोंग ने चेतावनी देते हुए कहा है कि चीन के लिए बहुत मुश्किल वक्त है. ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, वेनहोंग ने कहा यह चीन के लिए झूठ बोलने और जीरो-कोविड पॉलिसी पर बहस करने का वक्त नहीं है. इससे बेहतर होगा कि इस तरह की रणनीति बनाई जिससे कोरोना को काबू किया जा सके. चीन के लिए यह सबसे मुश्किल वक्त है, क्योंकि दो साल पहले COVID-19 महामारी फैल गई थी.