होली से पहले केंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार सरकारी कर्माचारियों को महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का तोहफा दे सकती है. इससे लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को हाल के दिनों में महंगाई में हुई वृद्धि से निपटने में मदद मिलेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 16 मार्च यानी आज होने वाली कैबिनेट की बैठक में सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते पर चर्चा होने की उम्मीद है.

केंद्रीय कर्मचारियों को फिलहाल 31 फीसदी डीए मिलता है. इसे 3 फीसदी बढ़ाकर 34 फीसदी किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है. इस फैसले से 50 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होगा. केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी के कारण लगभग डेढ़ साल तक डीए को रोक दिया था. संशोधित डीए जुलाई 2021 से फिर लागू हो गया है. तब इसे 17 फीसदी से बढ़ाकर 28 फीसदी कर दिया गया था. अक्टूबर 2021 में इसमें फिर 3 फीसदी की बढ़ोतरी की गई, जिसके बाद DA बढ़कर 31 फीसदी हो गया.

क्या है डीए और क्यों बढ़ाया जाता है?

महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन का ही हिस्‍सा है. इसका मकसद महंगाई के असर को कम करना है. बढ़ती महंगाई से निपटने के लिए सरकारी कर्मचारियों के वेतन में समय-समय पर बदलाव किया जाता है. डीए में हर साल जनवरी और जुलाई में दो बार बदलाव किया जाता है. डीए जीवन यापन की लागत से संबंधित है. यह इस पर निर्भर करता है कि कर्मचारी शहरी क्षेत्र, अर्द्ध-शहरी या ग्रामीण क्षेत्र में काम करते हैं. साल 2006 में केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते की गणना का फॉर्मूला बदल दिया था. अब नए फार्मूले पर इसकी गणना होती है.

डीए 3% बढ़ा तो कितना बढ़ेगा वेतन?

केंद्र सरकार के किसी कर्मचारी का मूल वेतन 20,000 रुपये महीना है और डीए में 3 फीसदी बढ़ोतरी हुई तो 34 फीसदी महंगाई भत्‍ते के हिसाब से उसके वेतन में 6,800 रुपये की वृद्धि हो जाएगी. चूंकि महंगाई भत्ता मूल वेतन से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें बढ़ोतरी से कर्मचारियों की भविष्य निधि (Provident Fund – PF), ग्रेच्युटी राशि (Gratuity) और मूल वेतन (Basic Salary) से जुड़े अन्य भत्ते जैसे यात्रा भत्ते में भी वृद्धि होगी.