रूस-यूक्रेन युद्ध का मंगलवार को 20वां दिन है. रूस लगातार यूक्रेनी शहरों में रिहाइशी इलाकों पर बमबारी कर रहा है. जंग में रूस की हालत भी खराब हो रही है. अमेरिकी मीडिया ने दावा किया है कि रूस ने चीन से आक्रमण में इस्तेमाल करने के लिए सैन्य उपकरणों का सहयोग मांगा है. इसके बाद अमेरिका और चीनी सरकारों के शीर्ष सहयोगियों के बीच रोम में सोमवार को बैठक हुई. अमेरिका ने चीन को यूक्रेन जंग में रूस की मदद नहीं करने की चेतावनी दी है. अमेरिका ने साफ कहा कि रूस की सैन्य सहायता करने की सूरत में चीन को इसका अंजाम भुगतना होगा. हालांकि, रूस के राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन ने साफ किया कि उसने चीन से कोई सैन्य मदद नहीं मांगी है.

चीन की ओर से रूस की वित्तीय मदद की पेशकश की संभावना राष्ट्रपति जो बाइडन के लिए कई चिंताओं में से एक है. व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने चीन को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि वह वैश्विक प्रतिबंधों, सजा से बचने में रूस की मदद करने से बचें. उन्होंने कहा कि वह आर्थिक क्षेत्र में रूस को आगे नहीं बढ़ने देंगे.

एक अमेरिकी अधिकारी ने संवेदनशील मामलों पर चर्चा करते हुए कहा कि हाल के दिनों में रूस ने यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध में आगे बढ़ने के लिए सैन्य उपकरणों सहित चीन से समर्थन का अनुरोध किया था. फाइनेंशियल टाइम्स और द वॉशिंगटन पोस्ट ने इसकी रिपोर्ट पब्लिश की थी.

यूक्रेन पर रूस के आक्रमण ने चीन को उसके दो सबसे बड़े व्यापारिक भागीदारों अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ एक नाजुक स्थिति में डाल दिया है. हालांकि, इस पूरे मामले में क्रेमलिन ने कहा कि उसने चीन से कोई सैन्य सहायता नहीं मांगी है. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि रूस के पास यूक्रेन से निपटने के लिए पर्याप्त सैन्य साधन और समय है.