यूक्रेन में रूस बीते 18 दिन से हमले कर रहा है. मिसाइल अटैक और बमबारी से यूक्रेन के कई शहर तबाह हो गए हैं. राजधानी कीव पर तो रूस ने भारी दवाब बना रखा है और राजधानी की घेराबंदी रूसी सेना ने कर रखी है, लेकिन कीव में घुसने की हिम्मत अभी तक रूस नहीं दिखा पाया है. यूक्रेन से चल रही जंग के बीच रूस ने चीन से सैन्य सहायता मांगी है. मीडिया रिपोर्ट्स में एक वरिष्ठ अमेरिकी सैन्य अधिकारी की ओर से यह दावा किया गया है कि रूस ने सैन्य के अल्वा ड्रोन की भी मदद चीन से मांगी है.

फाइनेंशियल टाइम्स और न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि रूस ने चीन से सैन्य मदद के साथ साथ आर्थिक मदद भी मांगी है. पिछले 18 दिनों से यूक्रेन में युद्ध लड़ रहे रूस की आर्थिक स्थिति पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गये अत्यंत सख्त आर्थिक प्रतिबंधों से काफी ज्यादा खराब हो चुकी है. सीएनएन ने भी अपनी एक रिपोर्ट में एक शीर्ष अमेरिकी अधिकारी के हवाले से दावा किया है कि रूस ने चीन से यूक्रेन पर अपने आक्रमण का समर्थन करने के लिए ड्रोन सहित सैन्य सहायता मांगी है.

यूक्रेन में रूस के सैन्य अभियान के बाद, अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों ने स्विफ्ट वित्तीय प्रणाली से रूस को बाहर करने के अलावा, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, कई प्रमुख रूसी बैंकों और उच्च पदस्थ रूसी अधिकारियों को निशाना बनाते हुए प्रतिबंध लगाए हैं. वहीं, वॉशिंगटन स्थिति चीनी दूतावास के प्रवक्ता लियू पेंग्यू ने सीएनएन से कहा कि वह अभी इस बात से बिल्कुल अनजाव हैं, कि क्या चीन रूस की मदद के लिए तैयार हो सकता है? सीएनएन द्वारा सैन्य सहायता के लिए रूस के अनुरोध की रिपोर्ट पर पूछे गये सवाल को लेकर चीन के राजदूत पेंग्यु ने एक बयान में कहा, “मैंने इसके बारे में कभी नहीं सुना.”

युद्ध के मैदान में उतरी चेचन्या की फौज

युद्ध के मैदान से एक बड़ी खबर है कि यूक्रेन की जंग में अब चेचन्या की फौज भी उतर चुकी है. वीडियो जारी कर यूक्रेन में दहशत मचाने का मंसूबा जाहिर किया है. चेचन्या के नेता रमजान कादिरोव ने जेलेंस्की से अपील भी की है, और धमकी भी दी. कादिरोव ने जेलेंस्की और उनकी सेना को कहा है कि तुम जहां भी जाओ, जहां भी छिपो, हमारे लड़ाके ढूंढ निकालेंगे. कादिरोव ने कहा है हमारे लड़ाके जेलेंस्की के हर जवान को ढूंढेंगे. जिसने यूक्रेन की शांतिपूर्ण आबादी के जीवन पर अतिक्रमण किया है.