उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के नतीजे आ गए हैं. बीजेपी ने 273 सीटें अकेले के दम पर जीतकर सत्ता में वापसी की है. समाजवादी पार्टी 125 सीटें जीतकर दूसरे नंबर पर है. इस चुनाव में सपा की सीटें भले ही कम आई हों, लेकिन उसने अपना वोट फीसद बढ़ाने में सफलता पाई है. विधानसभा चुनाव में हार के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव  ने शुक्रवार सुबह ट्वीट कर लिखा, “उप्र की जनता को हमारी सीटें ढाई गुनी व मत प्रतिशत डेढ़ गुना बढ़ाने के लिए हार्दिक धन्यवाद! हमने दिखा दिया है कि भाजपा की सीटों को घटाया जा सकता है. भाजपा का ये घटाव निरंतर जारी रहेगा.”आधे से ज़्यादा भ्रम और छलावा दूर हो गया है बाकी कुछ दिनों में हो जाएगा. जनहित का संघर्ष जीतेगा!

बता दें कि समाजवादी पार्टी ने 2012 का चुनाव 401 सीटों पर लड़ा था. उसे 29.13 फीसद वो और 224 सीटों पर विजय मिली थी. सपा ने यह चुनाव 401 सीटों पर लड़ा था. इस चुनाव के बाद ही सपा ने प्रदेश में पहली बार पर अपने दम पर बहुमत की सरकार बनाई थी. इसके बाद 2017 में हुए चुनाव को सपा ने कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ा. उसने 311 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए थे. उसे 21.82 फीसद वोट और 47 सीटें मिली थीं. इस तरह अपनी स्थापना के बाद से सबसे अधिक वोट पाने के बाद भी समाजवादी पार्टी सरकार बनाने से चूक गई है.

दरअसल, सपा ने इस बार योगी आदित्यनाथ की सरकार की नीतियों के खिलाफ चुनाव प्रचार किया. जातियों का गठजोड़ बनाया. किसान आंदोलन से पैदा हुए जनआक्रोश को भुनाने के लिए राष्ट्रीय लोक दल से हाथ मिलाया. उन्होनें महंगाई, आवारा पशु,पुरानी पेंशन और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को हवा दी. लेकिन जनता उसकी बातों में नहीं आई.