अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान भारत बायोटेक के नाक के जरिए दिए जाने वाले कोविड-19 रोधी टीके की बूस्टर खुराक का परीक्षण शुक्रवार से शुरू करेगा. एम्स, नयी दिल्ली में सामुदायिक चिकित्सा केंद्र के प्रोफेसर डॉ संजय राय ने बताया कि बूस्टर खुराक उन लोगों को दी जाएगी, जिन्होंने कम से कम पांच महीने पहले कोवैक्सिन या कोविशील्ड की दोनों खुराक ले ली थी. लेकिन टीका लेने की अवधि सात महीने से पहले की नहीं होनी चाहिए. भारत द्वारा हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक द्वारा कोविड-19 के खिलाफ विकसित ‘इंट्रानैसल वैक्सीन’ बीबीवी154 के इस्तेमाल को मंजूरी दिया जाना अभी बाकी है.

हैदराबाद की फार्मास्यूटिकल कंपनी भारत बायोटेक ने BBV154 को तैयार किया है. यह एक इंट्रानेजल वैक्सीन है. ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने देश में इंट्रानेजल बूस्टर वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल की अनुमति जनवरी 2021 को दी थी. समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से लिखा कि ट्रायल के लिए रजिस्ट्रेशन ई-मेल या व्हाट्सऐप के जरिए किया जा सकता है. एजेंसी के अनुसार, यह ट्रायल कोवैक्सीन या कोविशील्ड के दोनों डोज लेने वालों पर हेटरोलोगस होगा.

DCGI की तरफ से जारी NOC के अनुसार, ‘सेंट्रल लाइसेंसिंग अथॉरिटी यहां भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड को नई दवा या इन्वेस्टिगेशनल न्यू ड्रग को क्लीनिकल ट्रायल करने की अनुमति देती है.’ यह वैक्सीन लिक्विड यानि तरल है और नाक के जरिए दिया जाएगा. इसके प्रत्येक डोज में 0.5 एमएल दवा होगी.

इंट्रानेजल वैक्सीन का ट्रायल देश में 9 अलग-अलग स्थानों पर होगा. इनमें अहमदाबाद स्थित आत्मन अस्पताल, एम्स दिल्ली और पटना, पुणे स्थित ओएस्टर एंड पर्ल्स हॉस्पिटल्स, रोहतक के पंडित बीडी शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, वर्धा के आचार्य विनोभा भावे ग्रामीण अस्पताल, बेलगावी स्थित जीवन रेखा हॉस्पिटल, गोरखपुर के राणा हॉस्पिटल और यूपी के प्रखर हॉस्पिटल में होगा.