सरकार की ओर से विकास की दिशा में कई कदम उठाने के साथ ही ऐसे प्रयास भी किए जा रहे हैं, जिससे लोगों को जीवन स्तर भी बेहतर हो सके. इस कड़ी में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने एक पहल की है. डीडीए की ओर से पुनर्वास के लिए पात्र लाभार्थियों की लिस्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू कर ​दी गई है. इससे स्लम में रहने वाले लोगों को सीधे तौर फायदा मिलेगा. बता दें कि दिल्ली की 677 स्लम्स में करीब 20 लाख लोग रहते हैं. जानकारी के मुताबिक इनमें से 490 झुग्गी बस्तियां डीडीए की जमीन पर हैं.

गौरतलब है कि प्राधिकरण की तरफ से स्लम पुनर्वास परियोजनाओं के तहत कठपुतली कॉलोनी और कालकाजी एक्सटेंशन में फ्लैट्स की पहली खेप तैयार हो चुकी है. इस योजना से एक लाख से ज्यादा लोगों को फायदा होगा. इस योजना के तहत 24 हजार घर कवर किए जा रहे हैं. ऐसे में उम्मीद है कि झुग्गी में रहने वाले लोगों को जल्द ही EWS फ्लैट्स मिल जाएंगे.

डीडीए के अनुसार कालकाजी एक्सटेंशन में 3024 फ्लैट, जेलरवाला बाग में 1675 फ्लैट्स, कठपु​तली कॉलोनी के लिए 2800 फ्लैटृस हैं. इनके अलावा दिलशाद गार्डन, शालीमार बाग, हैदरपुर और रोहिणी के अलग-अलग सेक्टर्स की 10 स्लम्स में काम जल्दी ही शुरू हो जाएगा. जानकारी के अनुसार इसके तहत 10,337 EWS फ्लैट्स बनाए जाएंगे. वहीं, 15,086 ईडब्लूएस फ्लैट्स के लिए कालकाजी एक्सटेंशन, कुसुमपुर पहाड़ी और ओखला इंडस्ट्रियल एरिया में 8 स्लम्स के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा रही है.

डीडीए के अनुसार PMAY (शहरी) की जरूरतों के हिसाब से डीडीए पुनर्वास के लिए स्लम्स में रहने वाले लोगों और क्लस्टर्स का डेटाबेस तैयार होगा. इसके लिए डीडीए सर्वे करवाएगा और इसके लिए प्राइवेट एजेंसियों की मदद ली जाएगी. इस सर्वे में हितधारकों की राय भी शामिल की जाएगी, जिससे लोगों की समस्याओं और आकांक्षाओं को समझा जा सके. इसके तहत 87 स्लम्स में घर-घर सर्वे किया जाएगा.