रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध की वजह से वैश्विक बाजार में कच्चा तेल 14 साल के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया. कच्चे तेल में लगी आग में अब सोना भी तपने लगा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ घरेलू बाजार में भी सोने की कीमतों में सोमवार को अचानक तेजी आई. इससे वैश्विक बाजार में सोना 2000.69 डॉलर पहुंच गया, जो इसका 18 महीने का उच्च स्तर है.

हालांकि, बाद में इसमें कुछ नरमी आई. इसके बावजूद यह 1.5 फीसदी चढ़कर 1,998.37 डॉलर पर चल रहा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी से भारतीय बाजार में भी एमसीएक्स पर सोने का वायदा भाव 1.8 फीसदी तेजी के साथ 53,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया.

इसलिए सोने को मिली मजबूती

दरअसल, रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध से दुनियाभर के वित्तीय बाजारों में बनी अनिश्चितता के कारण निवेशक जोखिम वाले विकल्पों में निवेश से बच रहे हैं. इसलिए वे सुरक्षित निवेश के लिए सोने का रुख कर रहे हैं. यही वजह है कि इस युद्ध के दौरान निवेशकों में गोल्ड ईटीएफ में जमकर पैसा लगाया, जिससे सोने को और मजबूती मिली.

चांदी भी 70000 के पार

सोने के अलावा चांदी की कीमतों में भी भारी उछाल देखने को मिली. एमसीएक्स पर चांदी भी 1.5 फीसदी तेजी के साथ 70173 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई. आईआईएफएल सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष अनुज गुप्ता का कहना है कि निवेशक सोने की तरह चांदी में भी निवेश कर रहे हैं. इसके अलावा, रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के अलावा उद्योगों में चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है, जबकि इसके खनन में लगातार गिरावट जारी है. इससे चांदी को समर्थन मिल रहा है.

अभी और बढ़ेंगी कीमतें

मेहता इक्विटीज लिमिटेड के उपाध्यक्ष (कमोडिटी) राहुल कालंत्री का कहना है कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए सोने एवं चांदी की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है. इसकी खास वजह निवेशकों में जोखिम वाले विकल्पों में निवेश को लेकर डर है. ऐसे में आने वाले समय में वैश्विक बाजार में सोना 2000-2022 डॉलर तक पहुंच सकता है, जबकि चांदी 26.30-26.80 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है.