यूक्रेन पर रूस का हमला सोमवार को पांचवें दिन भी जारी है. इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने आशंका जाहिर की है कि रूस के राष्ट्रपति मेरी हत्या करना चाहते हैं. इसके लिए क्रेमलिन (रूसी राष्ट्रपति का ऑफिस) 400 हथियारबंद लड़ाके कीव में भेजे हैं. ये भाड़े के लड़ाके क्रेमलिन के आदेश पर कीव में घुसे हैं और किसी भी कीमत पर मेरी हत्या करना चाहते हैं, ताकि कीव में रूस समर्थित सरकार बैठाई जा सके. ‘द टाइम्स’ मैगजीन ने अपने लेटेस्ट एडिशन में राष्ट्रपति के हवाले से रिपोर्ट छापी है.

खबरों के अनुसार वैगनर ग्रुप, राष्ट्रपति पुतिन के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक द्वारा संचालित एक निजी मिलिशिया है. पांच सप्ताह पहले अफ्रीका से भाड़े के इन सैनिकों ने रुपये पैसे के लालच में ज़ेलेंस्की की सरकार को नष्ट करने के मिशन पर उड़ान भरी थी.

राजधानी में 36 घंटे का हार्ड कर्फ्यू

इनके मिशन की जानकारी यूक्रेन की सरकार को शनिवार की सुबह मिली है. इसके बाद यूक्रेन सरकार ने राष्ट्रपति की सुरक्षा और बढ़ा दी गई है. इस मिशन की जानकारी मिलते ही यूक्रेन की सरकार ने राजधानी में 36 घंटे का हार्ड कर्फ्यू लगा दिया गया है और नागरिकों से कहा गया है कि अगर कोई भी इस दौरान बाहर दिखा तो उसे गोली मारी जा सकती है.

रूस पर दबाव बनाने की कोशिशें भी जारी

दूसरी तरफ, इस टकराव को रोकने और रूस पर दबाव बनाने की कोशिशें भी चल रही हैं. इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के स्पेशल इमरजेंसी सेशन में भेजने के लिए सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में वोटिंग हुई. प्रस्ताव के पक्ष में 11 और विपक्ष में 1 वोट पड़ा. भारत, चीन और UAE ने फिर वोटिंग से दूरी बनाए रखी. वहीं, आज यूक्रेन मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है.

यूक्रेन को स्टिंगर मिसाइलों की डिलीवरी करेगा अमेरिका

इस बीच अमेरिका ने शुक्रवार को पहली बार यूक्रेन को स्टिंगर मिसाइलों की सीधी डिलीवरी करने को मंजूरी दी है. अमेरिका स्टिंगर मिसाइलों को कब यूक्रेन को देगा, अभी यह तय नहीं है. लेकिन अमेरिकी अफसरों का कहना है कि यू.एस. वर्तमान में शिपमेंट के लॉजिस्टिक्स पर काम कर रहा है. अमेरिका ने यह फैसला जर्मनी के उस ऐलान के बाद किया, जिसमें यूक्रेन को 500 स्टिंगर मिसाइल और अन्य हथियार देने का फैसला किया गया है.