दुनियाभर में डिजिटलीकरण के चलते तेजी से बदलाव हो रहा है. इसमें मेटावर्स की भूमिका बढ़ा रही है. मेटावर्स की वजह से डिजिटल इकोसिस्‍टम में तेज बदलाव के कारण 2032 तक यानी अगले 10 साल में दुनियाभर में डाटा का इस्तेमाल 20 गुना तक बढ़ जाएगा.

क्रेडिट सुइस ने एक रिपोर्ट में कहा कि मेटावर्स में स्मार्टफोन, टेलीविजन या वीडियो गेम कंसोल जैसे उपकरणों के इस्तेमाल में लगने वाला समय और बैंडविड्थ (डाटा ट्रांसफर की अधिकतम दर) की खपत बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं. इंटरनेट ट्रैफिक का प्रवाह पहले से ही वीडियो में 80 फीसदी है, जो 30 फीसदी की सालाना दर से बढ़ रहा है. अनुमान है कि मामूली मेटावर्स का इस्तेमाल भी अगले 10 साल में डाटा इस्तेमाल को 20 गुना तक बढ़ा सकता है. इससे सबसे ज्यादा लाभ टेलिकॉम कंपनी रिलायंस जियो और एयरटेल को होगा.

5जी से मिलेगी मदद

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में जब 5जी नेटवर्क सेवाओं को लॉन्च किया जाएगा तो मेटावर्स को काफी मदद मिलेगी. इसमें 6जी (6G Network) आने के बाद तेजी आएगी. इसमें कहा गया है कि मेटावर्स का शुरुआती दिनों में सबसे ज्यादा असर गेमिंग उद्योग पर दिख सकता है. भारत में गेमिंग अभी शुरुआती चरण में है, जिसमें मेटावर्स के बाद बेतहाशा बढ़ोतरी की उम्मीद है.

बढ़ जाएगा स्क्रीन टाइम

भारत हर दिन मोबाइल पर ज्यादा समय बिताने वाले देशों में शामिल है. मेटावर्स के आने के बाद भारतीयों का स्क्रीन टाइम पहले से ज्यादा बढ़ जाएगा. इसका असर दूरसंचार कंपनियों की कमाई  पर भी पड़ेगा. इससे जियो और भारती एयरटेल (17 फीसदी कमाई फिक्स्ड लाइन से) को सबसे ज्यादा लाभ होगा. भारत में फिक्स्ड ब्रॉडबैंड का इस्तेमाल करने वाले तेजी से बढ़ रहे हैं. साल 2019-20 में फिक्स्ड ब्रॉडबैंड उपभोक्ता 6.8 फीसदी थे, जो 2021-22 में बढ़कर 9 फीसदी तक पहुंच जाएंगे. साल 2024-25 तक यह आंकड़ा 12.60 फीसदी के पार पहुंच जाएगा.

क्या है मेटावर्स

-यह एक 3डी वर्चुअल रियलिटी है. यह ऑग्युमेंटड रियलिटी और वर्चुअल रियलिटी पर आधारित है.

-इस तकनीक की मदद से कोई व्यक्ति पूरी तरह वर्चुअल दुनिया में प्रवेश कर सकता है और उसे वर्चुअल दुनिया ही सच लगने लगती है.

-मेटावर्स की मदद से वर्चुअल दुनिया में वह सबकुछ अनुभव कर सकते हैं, जिसे आप सच में करना चाहते हैं.

-इसकी मदद से वर्चुअल दुनिया में आप अपने दोस्त के साथ चाय-कॉफी पी सकते हैं, जो आपसे हजारों किलोमीटर दूर हैं.

-इसे सोशल मीडिया का भविष्य कहा जाता है. पिछले दिनों फेसबुक ने अपना नाम बदलकर मेटा रखा है.