इस वक्त की बड़ी खबर झारखंड की राजधानी रांची से आ रही है, जहां चारा घोटाला के सबसे बड़े यानी डोरंडा ट्रेजरी से अवैध निकासी मामले में सीबीआई की विशेष कोर्ट अपना फैसला सुना दिया है. कोर्ट के फैसले के अनुसार लालू प्रसाद यादव इस मामले में दोषी करार दिये गए हैं. हालांकि अभी इस मामले में सजा का ऐलान होना बाकी है. सूत्रों के अनुसार लालू प्रसाद यादव को इस मामले में कितने साल की सजा होगी या उन्हें बेल मिलेगी, इसको लेकर 21 फरवरी को फैसला होगा.

जानकारी के मुताबिक लालू प्रसाद को जहां दोषी करार दिया गया है, वहीं 24 अन्य आरोपियों को बरी किया गया है. जबकि 34 लोगों को 3-3 साल की सजा सुनाई गई है. अदालत अब लालू प्रसाद यादव समेत 41 लोगों पर 21 फरवरी को फैसला सुनाएगी. इस केस में दोषी करार दिए गए अभियुक्तों की सजा के बिंदु पर सुनवाई जारी है.

क्या है पूरा मामला

बता दें, झारखंड में चारा घोटाले के कुल पांच मुकदमों में लालू प्रसाद यादव अभियुक्त बनाए गए थे. चार मुकदमों में पहले ही फैसला आ चुका है और इन सभी मामलों में अदालत ने उन्हें दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी. जिस पांचवें मुकदमे में मंगलवार को फैसला दिया गया है, वह रांची के डोरंडा स्थित ट्रेजरी से 139.5 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है. वर्ष 1996 में दर्ज हुए इस मामले में शुरुआत में कुल 170 लोग आरोपी थे. इनमें से 55 आरोपियों की मौत हो चुकी है, जबकि सात आरोपियों को सीबीआई ने सरकारी गवाह बना लिया. दो आरोपियों ने अदालत का फैसला आने के पहले ही अपना दोष स्वीकार कर लिया. छह आरोपी आज तक फरार हैं.

ये भी हैं चारा घोटाला मामले में अभियुक्त

इस मामले के अन्य प्रमुख अभियुक्तों में पूर्व सांसद जगदीश शर्मा, डॉ आरके राणा, बिहार के तत्कालीन पशुपालन सचिव बेक जूलियस और पशुपालन विभाग के सहायक निदेशक केएम प्रसाद शामिल हैं. इस मुकदमे की सुनवाई के दौरान सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में अभियोजन की ओर से कुल 575 लोगों की गवाही कराई गई, जबकि बचाव पक्ष की तरफ से 25 गवाह पेश किये गये.