केंद्रीय बजट 2022-23 में भारतीय रेलवे से जुड़ी कई घोषणाएं की गई हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अगले तीन साल में देश में 400 नई वंदे भारत ट्रेनें शुरू करने का ऐलान किया है. साथ ही भारतीय रेलवे की गति के लिए 100 गतिशक्ति कार्गो का भी प्लान है. वित्त मंत्री ने आम बजट पेश करते हुए कहा कि बीते 7 वर्षों में 24000 किलोमीटर रेलवे रूट का विद्युतीकरण हुआ है. इन घोषणाओं में एक बात जो सबसे अहम थी, वह कवच तकनीक के जरिए देश में 2 हजार किलोमीटर का रेलवे नेटवर्क तैयार करने की बात कहना है.

वित्त मंत्री के मुताबिक, ‘कवच तकनीक रेल नेटवर्क को सुर‍क्ष‍ित बनाने के साथ उसकी क्षमता को बढ़ाने का भी काम करेगी.’ बता दें कि कवच तकनीक एक स्‍वदेशी तकनीक है. कवच देश में ही विकसित की गई ऐसी एंटी-कोलिजन डिवाइस है, जिससे रेल दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है. साथ ही दुर्घटनाओं के आंकड़ों को घटाकर शून्‍य करने में भी इस तकनीक की मदद से सहायता मिलेगी. रेलवे से जुड़े जानकारों का भी कहना है कि देश में तैयार तैयान होने वाला 2 हजार किलोमीटर का रेल नेटवर्क को इस डिवाइस से सुरक्षित बनाया जा सकता है.

क्या कहते हैं जानकार

पीएचडी चैम्‍बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्‍ट्री (PHDCCI) के चेयरमैन संदीप अग्रवाल कहते हैं, ‘भारतीय रेलवे के लिए ‘कवच’ तकनीक गेमचेंजर साबित होने वाली है. यह स्‍वदेशी तकनीक देश में ट्रेन की गति यानी स्‍पीड में सुधार भी लाएगी.’

m-कवच ऐप कब लॉन्च हुआ था

बता दें कि साल 2017 में केंद्र सरकार ने m-कवच ऐप लॉन्‍च किया था. यह ऐप हैकर्स के जरिए होने वाले सायबर हमलों से बचाने का भी काम करती है. इसे भारत सरकार के सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्‍ड सिस्‍टम (C-DAC) ने विकसित किया है. यह ऐप यूजर्स को अनचाहे कॉल को ब्‍लॉक करने में भी मदद करती है. थर्ड पार्टी को मोबाइल डाटा का इस्‍तेमाल करने से भी रोकती है. हालांकि, ‘कवच तकनीक’ रेल दुर्घटनाओं को कैसे रोकेगी और कैसे काम करेगी इसको लेकर कोई जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है.