क्रिप्‍टोकरेंसी पर टैक्‍स लगाकर सरकार ने इसे कानूनी मान्‍यता देने की तरफ इशारा कर दिया है, लेकिन रेयर एंटरप्राइजेस के पार्टनर राकेश झुनझुनवाला ने Budget 2022 को क्रिप्‍टोकरेंसी के लिए घातक बताया है.

उन्‍होंने बजट के बाद एक इंटरव्‍यू में कहा, भारत डिजिटल करेंसी पर अपने प्रोविजंस के साथ चीन को फॉलो कर रहा है. वह अपनी डिजिटल करेंसी प्रमोट करने लिए दूसरी सभी क्रिप्टो को खत्म कर रहा है. उन्‍होंने कहा, वास्तव में बजट 2022 ने आरबीआई को डिजिटल करेंसी को बढ़ावा देने के लिए एकमात्र अथॉरिटी बना दिया है. इससे दूसरी सभी क्रिप्टो का भविष्‍य खत्‍म हो सकता है. यह इसलिए भी अहम है, क्योंकि क्रिप्टोकरेंसी बिल अभी संसद में पेश किया जाना बाकी है. मुझे लगता है कि सरकार चाहती है कि रिजर्व बैंक अपनी डिजिटल करेंसी को बढ़ावा दे और दूसरी सभी करेंसी को खत्म कर दे. जैसा कि चीन अभी कर रहा है.

वित्तमंत्री ने क्‍या किया है बजट में ऐलान

बजट भाषण में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि किसी भी वर्चुअल डिजिटल एसेट के ट्रासंफर से होने वाली इनकम पर अब सीधा 30% टैक्स लगेगा। उन्होंने यह भी ऐलान किया है कि डिजिटल एसेट्स की बिक्री से होने वाले नुकसान की भरपाई अन्य किसी इनकम से नहीं की जा सकती है.

क्रिप्‍टोकरेंसी से जुड़ी कोई छूट नहीं दे रही सरकार

सरकार ने बजट में क्रिप्‍टोकरेंसी पर किसी भी तरह की कोई रियायत देने से साफ इनकार कर दिया है और इसे लेकर बेहद कड़े मानदंड अपनाए हैं. इसमें कॉस्ट ऑफ एक्विजिशन को छोड़कर ऐसी इनकम की गणना करते समय किसी प्रकार के एक्सपेंडिचर या अलाउंस को लेकर कोई भी डिडक्‍शन देने से इनकार कर दिया इतना ही नहीं गिफ्ट में मिले किसी वर्चुअल डिजिटल एसेट पर भी टैक्स चुकाना होगा.