वित्त वर्ष 2022-23 के केंद्रीय बजट की दूरी अब घंटों में सिमिट आई है. 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद के पटल पर आम बजट पेश करेंगी. संसद का बजट सत्र सोमवार से शुरू होगा. बजट को लेकर आम आदमी से लेकर नौकरीपेशा, कारोबारी से लेकर समाज के हर वर्ग को कुछ ना कुछ उम्मीद हैं. चर्चा है कि इस बार बजट में गरीबों को राहत के लिए जारी खाद्य सब्सिडी और किसानों के लिए उर्वरक सब्सिडी की लिमिट को बढ़ाया जा सकता है.

जानकारी के मुताबिक, सरकार बजट में खाद्य और उर्वरक सब्सिडी पर लगभग 40 अरब डॉलर का प्रावधान कर सकती है.

महामारी के चलते सब्सिडी में इजाफा

कोरोना महामारी के चलते गरीबों के लिए महामारी राहत उपायों और रसायनों की वैश्विक कीमतों में तेज वृद्धि के कारण भारत के सब्सिडी बिल बढ़ गए हैं. केंद्र सरकार इस वित्तीय वर्ष में पहले ही दो बार उर्वरक सब्सिडी बढ़ा चुकी है. सूत्र बताते हैं कि नए बजट में इस मद भुगतान अब तक का सबसे अधिक हो सकता है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार को बजट पेश होने वाली हैं. वित्त मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि बजट में सरकार उर्वरक सब्सिडी के लिए 1.1 अरब रुपये और खाद्य सब्सिडी के लिए 2 अरब रुपये आवंटित करेगी.

वर्तमान वित्त वर्ष के लिए वित्त मंत्री ने उर्वरक सब्सिडी के लिए 835 अरब रुपये का बजट रखा था, हालांकि वास्तविक आवंटन बढ़कर रिकॉर्ड 1.5 ट्रिलियन रुपये हो सकता है.

किसानों को राहत

उर्वरक सब्सिडी का बड़ा हिस्सा किसानों को सरकार द्वारा तय दरों पर यूरिया उपलब्ध कराने के लिए उपयोग किया जाता है. सरकार किसानों की मदद के लिए उर्वरकों को कम दरों पर बेचने के लिए कंपनियों को एक निश्चित राशि की सब्सिडी भी प्रदान करती है.

जानकार बताते हैं कि सरकार आमतौर पर एक वित्तीय वर्ष के अंतिम कुछ महीनों में उर्वरकों और खाद्य सब्सिडी के लिए अपने बजट में संशोधन करती रही हैं.