निसान जल्द ही भारत में अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार लॉन्च करने जा रही है. निसान मोटर इंडिया के सीईओ अश्विनी गुप्ता ने कहा कि कार निर्माता को लगता है कि भारत इलेक्ट्रिक कारों के लिए अगला बड़ा संभावित बाजार है. हालांकि कंपनी ने अब तक अपने ई-व्हीकल को लेकर कोई खुलासा नहीं किया है. माना जा रहा है कि कुछ ही हफ्तों में यह कार लॉन्च हो सकती है.

इस बारे में अश्विनी गुप्ता ने कहा कि एक साल में भारतीय ईवी मार्केट तीन गुना तेजी से बढ़ोतरी करेगा. भारत ईवी बाजार के दुनिया के लिए एक बड़ी संभावना बनने जा रहा है. उन्होंने कहा कि रेनो-निसान-मित्सुबिशी ऑटोमोबाइल अलाइंस देश में इस सेगमेंट में प्रवेश करने को लेकर लगातर काम कर रहे हैं.

स्टडी कर रही कंपनी

अश्विनी गुप्ता ने कहा कि निसान का भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट में उतरने का फैसला तीन पहलुओं पर निर्भर करेगा. सबसे पहला प्रोडक्ट एक्साइटमेंट. निश्चित तौर पर हम जानते हैं कि अपने अनुभव के आधार पर हम भारतीय ग्राहकों की आकांक्षाओं को पूरा करेंगे. दूसरा पहलू होगा, कॉम्पिटिटिवनेस. हम बैटरी का स्थानीयकरण कैसे करेंगे और यह एक ऐसा प्रश्न है, जिसका हम अध्ययन करना चाहते हैं. वहीं, तीसरा पहलू बुनियादी ढांचा है.

23 अरब डॉलर का निवेश करेंगी कंपनियां

निसान ने अपने एलायंस पार्टनर्स रेनॉल्ट और मित्सुबिशी के साथ गुरुवार को घोषणा की थी कि वह 2030 तक फाइव कॉमन ईवी प्लेटफॉर्म पर आधारित 35 नई इलेक्ट्रिक कारें लॉन्च करेगी. तीनों कंपनियां इसके लिए अगले पांच वर्षों में 23 अरब डॉलर का निवेश करेंगी. तीनों के द्वारा घोषित फाइव कॉमन प्लेटफार्मों में से एक सीएमएफ-बीईवी प्लेटफॉर्म है, जो पूरी तरह से इलेक्ट्रिक कारों के लिए है. इसे सबसे पहले यूरोपीय बाजारों में इस्तेमाल किया जाएगा.

कुछ ही हफ्तों में लॉन्च होगी कार

इस प्लेटफॉर्म पर आधारित पहला इलेक्ट्रिक वाहन कुछ ही हफ्तों में सड़कों पर आ जाएगा. यह निसान एरिया ईवी क्रॉसओवर और रेनॉल्ट मेगन ई-टेक इलेक्ट्रिक कार हो सकता है. 2030 तक 15 से अधिक मॉडल सीएमएफ-ईवी प्लेटफॉर्म पर आधारित होंगे. इस प्लेटफॉर्म पर प्रति वर्ष 1.5 मिलियन कारों का उत्पादन किया जाएगा.