रेलवे भर्ती बोर्ड की एनटीपीसी  परीक्षा को लेकर कई जगह विरोध प्रदर्शन चल रहा है. नाराज उम्‍मीदवारों ने कई बोगी फूंक दी है और कई जगह रेलवे संपत्ति और ट्रैक को नुकसान पहुंचाया है. उम्‍मीदवारों के इस कदम से रेलवे बोर्ड को बढ़ा फैसला लेना पड़ा, प्रदर्शन करने वाले उम्‍मीदवारों पर रेलवे या सरकारी नौकरी के लिए प्रतिबंध लगाया जा सकता है. आखिर उम्‍मीदवार क्‍यों बवाल कर रहे हैं, उनकी क्‍या मांग है. यह सब पांच प्‍वाइंट्स में जानें.

. रेलवे ने 2019 को Non-Technical Popular Categories (NTPC) (इसमें स्टेशन मास्टर, गार्ड, सिनीयर कमर्शियल क्लर्क, जूनियर अकाउंट्स असिस्टंट इत्यादि की भर्ती होती है) की 35,281 vacancies में भर्ती के लिए नोटिफ़िकेशन (CEN-D1/2019) जारी किया था.

. नियम के अनुसार रिक्तियों के बीस गुना उम्‍मीदवार (candidates) को स्‍टेज 2 के लिए शार्टलिस्‍ट (shortlist) किया जाना था. 2015 तक रिक्तियों का मात्र दस गुना शार्टलिस्‍ट करने का प्रावधान था. वर्ष 2015 में यह संख्या बढ़कर 15 गुना कर दी गयी थी, जिससे ज्यादा उम्मीदवारों को सेकेंड स्‍टेज का अवसर मिला. वर्ष 2019 में यह संख्या 20 गुना कर दी गयी. यह उम्मीदवारों के लिए और अधिक अवसर पैदा करने का माध्यम बना.

कुछ नौकरी में 10+2 पास उम्‍मीदवार आवेदन कर सकते हैं. अन्य नौकरियों के लिए ग्रेजुएट होना चाहिए. लेकिन ग्रेजुएट उम्‍मीदवारों को 10+2 श्रेणी में आवेदन करने से रोका नहीं जा सकता. यह मूल नियम हमेशा से रेलवे की परीक्षा में बना हुआ है और कानूनी रूप से सही भी है. इसलिए ग्रेजुएट सभी नौकरियों के लिए आवेदन कर सकते हैं जबकि 10+2 उम्‍मीदवार केवल 10+2 की नौकरी के लिए ही आवेदन कर सकते हैं।

. 35,281 रिक्तियों के लिए 7,05,446 यानी बीस गुना उम्‍मीदवार को शार्टलिस्‍ट किया गया है. बहुत से उम्‍मीदवार एक से अधिक श्रेणी की नौकरी के लिए आवेदन किया है, जिसके चलते एक से अधिक लेवल में उनको शार्टलिस्‍ट उनकी योग्‍यता और मेरिट के आधार पर किया गया है.

. जो उम्‍मीदवार सेकेंड स्‍टेज के लिए शार्टलिस्‍ट नहीं हो पाए, उनका कहना है की जिन उम्‍मीदवारों ने एक से अधिक श्रेणी की नौकरी के लिए आवेदन किया है, उनको केवल एक बार गिना जाए, इस तरह से गिनती करना नियम के अनुसार नहीं होगा.