पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक के ग्राहकों के लिए राहत की खबर है. मुश्किलों में फंसी पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव (PMC) बैंक का यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक में विलय पूरा हो गया है. सरकार ने मंगलवार को इस विलय को नोटिफाई कर दिया. अब PMC बैंक की सभी शाखाएं USFB की शाखाओं के रूप में काम करेंगी. रिजर्व बैंक ने मंगलवार को एक बयान जारी कर इस बात की जानकारी दी. आरबीआई ने कहा, “यह समामेलन योजना की अधिसूचना की तारीख 25 जनवरी 2022 से प्रभावी होगा.

रिजर्व बैंक ने विलय की इस योजना का मसौदा तैयार किया था, जिसे 22 नवंबर, 2021 को सार्वजनिक किया गया था. केंद्रीय बैंक ने कहा कि पीएमसी बैंक की शाखाओं ने मंगलवार से यूएसएफबीएल की शाखाओं के रूप में काम करना शुरू कर दिया है.

2 साल RBI ने बोर्ड को किया था भंग

करीब दो साल पहले वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने के बाद रिजर्व बैंक ने पीएमसी बैंक के बोर्ड को भंग कर दिया था. सरकार ने मंगलवार को विलय की योजना को मंजूरी देते हुए अधिसूचित कर दिया. बता दें कि यूएसएफबीएल बैंक इसके तहत पीएमसी बैंक की संपत्तियों और देनदारियों के साथ जमाओं का अधिग्रहण करेगा.

ग्राहकों को इस तरीके से मिलेगा पैसा?

PMC Bank में जिन ग्राहकों का पैसा फंसा है, उन्हें अगले तीन से 10 साल के भीतर पूरा पैसा वापस मिल जाएगा. RBI के मुताबिक, सभी जमाकर्ताओं को 5 लाख रुपये का पहला भुगतान डीआईसीजीसी द्वारा फंड ट्रांसफर करते ही किया जाएगा. उसके बाद पहले, दूसरे साल के बाद 50-50 हजार रुपये, तीन साल के बाद 1 लाख रुपये, चार साल के बाद 2.5 लाख रुपये, 5 साल के बाद 5.5 लाख रुपये का बुगतान किया जाएगा. 10 वें वर्ष के अंत में यदि बैंक के पास किसी ग्राहक की शेष राशि है तो उन्हें पूरा भुगतान कर दिया जाएगा.