यूरोप में भीषण सर्दी का कहर शुरू हो गया है. हालात ये हैं कि महाद्वीप के सबसे व्यस्त माने जाने वाले इस्तांबुल एयरपोर्ट को बंद करना पड़ा. इसके अलावा शहर के मॉल समेत कई अन्य स्थान भी सर्दियों की पहली बर्फबारी से खासे प्रभावित हुए हैं. खबर है कि पूर्वी भूमध्यसागर से उठे बर्फीले तूफान ने क्षेत्र के बड़े हिस्से को सफेद चादर से ढंक दिया है. कई जगहों पर बिजली कटौती और यातायात से जुड़ी भी समस्याएं देखी गईं. बर्फ में फंसे हुए वाहन चालकों को निकालने के लिए सेना और दमकल कर्मियों की मदद ली जा रही है.

इस्तांबुल एयरपोर्ट पर भारी बर्फबारी के चलते एक बड़ा हादसा भी हुआ. यहां कार्गो टर्मिनल की एक छत ढह गई. हालांकि, इस हादसे में किसी को भी चोट नहीं आई. एएफपी से बातचीत में यात्रा अधिकारियों ने बताया कि यह इस्तांबुल के पुराने अतातुर्क एयरपोर्ट की जगह लेने के बाद यह पहला मौका है, जब हवाई अड्डे को बंद करने पड़ा. बीते साल 3.7 करोड़ यात्रियों के साथ इस्तांबुल एयरपोर्ट दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक बन गया था.

1.6 करोड़ की आबादी के लिए सिरदर्द बनी इस बर्फ में बच्चे खुश नजर आए. यह शहर के पुरानी मस्जिदों के चौराहों पर बच्चों ने स्नोमैन बनाए और पर्यटक सेल्फी का मजा लेते रहे. हालांकि, बर्फबारी ने शहर की रफ्तार रोक दी और हाईवे भी पार्किंग लॉट की तरह नजर आने लगे थे. इस्तांबुल के गवर्नर ऑफिस की तरफ से चेतावनी जारी की गई कि ड्राइवर थ्रेस की तरफ से शहर में प्रवेश नहीं कर पाएंगे. एथेंस में स्कूल और टीकाकरण केंद्रों पर ताला लग गया.

खास बात है कि एयरपोर्ट को ब्लैक सी तट के सात किमी दूरी पर स्थापित करने के चलते राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगन को आलोचकों का सामना करना पड़ा है. आमतौर पर सर्दियों में यह तट धुंध से ढंक जाता है. एयरपोर्ट की तरफ से बयान जारी किया गया, ‘विपरीत हालात होने के चलते हवाई सुरक्षा के चलते सभी उड़ानों को अस्थाई रूप से रोक दिया गया है.’

एक ओर जहां तुर्की में ठंड के बाद अधिकांश संस्थान खुले रहे. वहीं, ग्रीस में रात का पारा गिरकर -14 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. राजधानी में कई मोटरचालक अपनी कारों में फंस गए. अपने आप को क्रिस्टोस बताने वाले एक ड्राइवर ने कहा, ‘मेरी पत्नी के पास सुबह से कुछ खाने के लिए नहीं है. हमारे बीच पानी की एक छोटी बोतल है.’ उन्होंने कहा, ‘सब कुछ जम गया है.’