यूरोप के कुछ देश जैसे स्पेन में कोविड-19  को एक एंडेमिक यानी स्थानिक बीमारी के तौर पर लिए जाने पर विचार चल रहा है. लेकिन वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य अधिकारियों ने इसे लेकर चेतावनी दी है. उनका कहना है कि दुनिया को महामारी के खत्म होने की घोषणा करने में जल्दबाजी नहीं दिखानी चाहिए.

महामारी (पैंडेमिक) और स्थानिक (एंडेमिक) में क्या अंतर

जब कोई बीमारी किसी निश्चित क्षेत्र में नियमित तौर पर कुछ स्थापित स्वरूप में नजर आती है तो उसे स्थानिक (एंडेमिक) कहा जाता है. वहीं महामारी (पैंडेमिक) का मतलब होता है कि वैश्विक स्तर पर जब कोई अनजान बीमारी एक लहर की तरह उठती है और पूरी दुनिया को अपनी गिरफ्त में ले लेती है.

कोपनहेगन (डेनमार्क) में यूरोपियन मुख्यालय में संक्रामक बीमारी विशेषज्ञ कैथरीन स्मालवुड का कहना है कि वायरस को लेकर अभी भी कई सारी अनिश्चिताएं बरकरार हैं और यह लगातार अपना रूप बदल रहा है. ऐसे में इसे दोबारा परिभाषित करके स्थानिक की श्रेणी में डालना अभी उचित कदम नहीं होगा. कई देशों में इसे स्थानिक बीमारी घोषित करने पर जो सबसे बड़ी मुश्किल खड़ी होगी वह यह है कि इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल के तौर पर नहीं लिया जाएगा. जिसका मतलब यह हुआ कि इस पर कम संसाधन लगाए जाएंगे.

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सेन्चेज़ ने कहा था कि मृत्य दर का गिरना यह बताता है कि यूरोपीय अधिकारियों को अब बीमारी के स्थानिक किए जाने पर विचार करना शुरू कर देना चाहिए. इसका मतलब यह है कि स्पेन में कोविड से जुड़े मामलों का रिकॉर्ड दर्ज करने की ज़रूरत नहीं होगी, और जिनमें कुछ लक्षण नज़र आते हैं उनकी जांच करना भी ज़रूरी नहीं होगा, बस वह बीमारों का उपचार करना जारी रखेंगे. इस प्रस्ताव को यूरोपीय संघ के अधिकारियों के बीच रखा गया है, लेकिन अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है. इसके पहले अक्टूबर में यूरोपियन सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेन्शन एंड कंट्रोल ने एक परामर्श जारी करते हुए कहा था कि कोविड-19 के मामलों की निगरानी भी दूसरी बीमारी जैसे फ्लू की तरह की जानी चाहिए और प्रत्येक व्यक्ति के लक्षणों की जांच को जरूरी नहीं रखना चाहिए.