राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार दूसरे साल भी 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के मौके पर होने वाली परेड में कोई भी विदेशी मेहमान मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल नहीं होंगे. इस बात की जानकारी केंद्र सरकार से जुड़े सूत्रों के हवाले से मिली है. सरकारी सूत्रों ने कहा है कि कोरोना महामारी के कारण इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर मध्य एशियाई देशों से कोई विदेशी मुख्य अतिथि नहीं होगा. सरकार ने पांच मध्य एशियाई देशों के राष्ट्राध्यक्षों को निमंत्रण भेजा था लेकिन अब योजनाओं को रद्द कर दिया गया है. गौरतलब है कि पिछले साल 2021 में भी कोरोना महामारी के कारण कोई भी मेहमान शामिल नहीं हो सके थे.

कोरोना महामारी के कारण इस बार दर्शकों की संख्या 70 से 80 फीसदी घटाई गईं

रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि कोरोना महामारी के कारण इस साल गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने वाले लोगों की संख्या 70-80 प्रतिशत घटकर लगभग 5,000-8,000 रह जाएगी. पिछले साल की परेड में लगभग 25,000 लोगों को शामिल होने की अनुमति दी गई थी.

राजपथ पर 600 युवा कलाकार देंगे प्रस्तुति

समाचार एजेंसी एएनआई ने रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष राजपथ पर प्रस्तुति देने वाले कुल 600 युवा कलाकारों का चयन रक्षा मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रव्यापी प्रतियोगिता ‘वंदे भारतम’ के माध्यम से किया गया ताकि देश भर के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो और प्रतिभाशाली नर्तकियों को प्रोत्साहित किया जा सके.

गणतंत्र दिवस परेड में शामिल नहीं होगी तमिलनाडु की झांकी

रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने के लिए चुनी गई 12 झांकियों की अंतिम सूची में तमिलनाडु की झांकी शामिल नहीं हो सकी.