अगले महीने पेश होने वाले बजट 2022 में सरकार महामारी को देखते हुए हेल्थ बजट बढ़ा सकती है. संकट के इस दौरान हेल्थकेयर क्षेत्र को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. जानकारों का कहना है कि देश के हेल्थ सिस्टम की जरूरतों को देखते हुए इस क्षेत्र की ओर इस बार खास ध्यान दिए जाने की उम्मीद है. इसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का खास जोर हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को अत्याधुनिक बनाने पर रह सकता है.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, महामारी के बीच मौजूदा हालात को देखते हुए सरकार इस बार हेल्थ बजट में 50 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी कर सकती है. पिछले बजट में इस क्षेत्र को 2.38 लाख करोड़ रुपये दिए गए थे. लेकिन इस बार हेल्थ बजट बढ़ाया जा सकता है.

वैक्सीन के लिए भी मिल सकता है ज्यादा फंड

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले बजट में कोरोना महामारी से निपटने के लिए दिए गए फंड में इस बार बढ़ोतरी की उम्मीद है. उस दौरान संक्रमण पर काबू पाने के लिए 14,000 करोड़ रुपये वैक्सीन की मैन्युफैक्चरिंग के लिए आवंटित किए थे. इस बार वैक्सीन पर भी फोकस रहने की उम्मीद है.

राज्यों को मिल सकता है 30 फीसदी ज्यादा पैसा

केंद्र सरकार की योजनाओं को जमीन पर लागू करने के लिए राज्यों को दिए जाने वाली राशि में भी 30 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है. इसका मकसद है कि महामारी से निपटने के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू करने में राज्यों को कोई दिक्कत न हो. इसके साथ आयुष्मान भारत के जरिये वित्त मंत्री की कोशिश रहेगी कि पूरे मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर को डिजिटाइज किया जाए ताकि कोरोना के दौर में लोगों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े.

जीडीपी का 3 फीसदी तक हो हेल्थ बजट

द कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री के अध्यक्ष ने बजट में हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार करने पर ज्यादा ध्यान देने की बात पर जोर दिया है. उन्होंने कहा कि इलाज के लिए खर्च अब भी ज्यादा बना है. महामारी के दौर में लोगों ने नौकरियां चली गई हैं. कमाई घटी है, जबकि हेल्थ खर्च में बढ़ोतरी हुई है. ऐसे में सरकार को हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश जारी रखना चाहिए. वर्तमान में यह जीडीपी का 1.3 फीसदी है. इसे बढ़ाकर 3 फीसदी किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि देशभर में बेसिक हेल्थकेयर उपलब्ध कराया जाना चाहिए और सरकार को इसके लिए पैसे आवंटित करने चाहिए.