लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच हिंदुस्तान यूनिलीवर ने भी साबुन और डिटर्जेंट की कीमतें बढ़ाकर उपभोक्ताओं का झटका दिया है. देश की सबसे बड़ी एफएमसीजी कंपनी ने साबुन और डिटर्जेंट की कीमतों में 20 फीसदी तक बढ़ोतरी की है. इससे एचयूएल के व्हील, रिन, सर्फ एक्सेल और लाइफबॉय रेंज के प्रोडक्ट महंगे हो गए हैं.

एचयूएल का कहना है कि कच्चे माल की लगातार बढ़ रही लागत की वजह से इसका कुछ बोझ अब ग्राहकों पर डालना जरूरी हो गया है. इसलिए उत्पादों के दाम बढ़ाने का फैसला किया गया. इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी के कारण कंपनी को पिछले साल भी इसी तरह कई दौर की कीमतों में बढ़ोतरी करनी पड़ी थी.

Surf Excel बार की कीमतों में सबसे ज्यादा वृद्धि

एफएमसीजी कंपनी ने सर्फ एक्सेल बार की कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी की है. इसके दाम 20 फीसदी तक बढ़ गए हैं. यह पहले के मुकाबले 2 रुपये महंगा हो गया है. इस वृद्धि के बाद सर्फ एक्सेल बार की कीमत 10 रुपये से बढ़कर 12 रुपये हो गई है.

पीयर्स साबुन 7 रुपये महंगा, रिन का बंडल अब 76 रुपये

एचयूएल ने पीयर्स साबुन के 125 ग्राम बार की कीमतों में 7 रुपये इजाफा किया है. इससे पीयर्स साबुन के इस बार के दाम 76 रुपये से बढ़कर 83 रुपये हो गए हैं. इसी तरह, लाइफबॉय के 125 ग्राम पैक की कीमत 29 रुपये से बढ़ाकर 31 रुपये कर दी गई है. इसके अलावा रिन के बंडल पैक (चार 250 ग्राम बार के) की कीमत 72 रुपये से बढ़ाकर 76 रुपये और इसके 250 ग्राम सिंगल बार की कीमत 18 रुपये से बढ़ाकर 19 रुपये कर दी गई है.

आटा और बासमती चावल भी महंगा

-अडानी विल्मर ने भी जनवरी 2022 में पैकेज्ड गेहूं के आटे के दाम 5-8 फीसदी और बासमती चावल की कीमतें 8-10 फीसदी बढ़ाने की घोषणा की है. इसकी प्रमुख वजह लागत में बढ़ोतरी है.

-पारले प्रोडक्ट्स भी मार्च तिमाही में अपने उत्पादों के दाम 4-5 फीसदी तक बढ़ा सकती है. कंपनी ने अक्टूबर-दिसंबर 2021 तिमाही में भी दाम बढ़ाए थे.

-डाबर इंडिया ने दिसंबर 2021 में कहा था कि वह महंगाई की स्थिति की निगरानी कर रही है. अगर महंगाई बनी रहती है तो चौथी तिमाही में कीमतों में वृद्धि कर सकती है.