देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के मामले हर दिन तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. दिल्ली में रोजाना 20 हजार से ज्यादा मामले रिपोर्ट किये जा रहे हैं. दिल्ली में कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए नाइट कर्फ्यू और वीकेंड कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लगाई गई थी. सोमवार को DDMA की बैठक  में दिल्ली में पाबंदियों को और कड़ा करने का फैसला लिया गया. दिल्ली के सभी निजी दफ्तरों को बंद रखने का फैसला लिया गया है.

दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी का ने ये आदेश जारी किया है. इस आदेश के अनुसार केवल जिनको छूट है वही निजी दफ्तर खुल सकेंगे. यानी दिल्ली के बाकी सब निजी दफ़्तर के कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम (WFH) करेंगे. अभी निजी दफ़्तर 50% क्षमता पर चल रहे थे, 50% कर्मचारी घर से काम कर रहे थे.

अब छूट प्राप्ट श्रेणी के निजी दफ़्तर छोड़ बाकी सभी दफ़्तर बंद रहेंगे और सभी कर्मचारी घर से ही काम करेंगे. वहीं दिल्ली में सभी रेस्टोरेंट और बार भी बंद कर दिए गए हैं. सिर्फ़ रेस्टोरेंट्स से फ़ूड आइटम की होम डिलीवरी और टेकअवे की सुविधा रहेगी.

बता दें कि दिल्ली में सोमवार को कोरोना के 19166 नए मामले सामने आए. वहीं 14076 मरीजों को छुट्टी दी गई, जबकि 17 मरीजों ने कोरोना के कारण दम तोड़ दिया. दिल्ली में अभी तक 15,68,896 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं. इनमें से 14,77,913 मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 25177 मरीजों ने कोरोना के कारण दम तोड़ दिया. दिल्ली में कोरोना से मृत्युदर घटकर 1.60 फीसदी रही.

सोमवार को कोरोना की संक्रमण दर बढ़कर 25 फीसदी तक पहुंच गई. यानी दिल्ली में जांच कराने वाले हर चौथे व्यक्ति की जांच रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है. सोमवार को कोरोना संक्रमित 17 मरीजों की मौत हो गई. वहीं सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 66 हजार के करीब पहुंच गई है.