प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक के मामले को सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस एनवी रमन्ना के समक्ष मेंशन किया गया है. सुप्रीम कोर्ट मामले पर कल सुनवाई को राजी हुआ है. याचिका की कॉपी राज्य सरकार को भेजी जाएगी मामले पर सुप्रीम कोर्ट कल सुनवाई होगी. जानकारी के मुताबिक, सीनियर एडवोकेट मनिंदर सिंह ने इस मामले से जुड़ी जनहित याचिका दायर की है. याचिका में कहा गया है कि इस तरह की सुरक्षा में चूक स्वीकार्य नहीं की जा सकती. याचिका में सीनियर एडवोकेट मनिंदर सिंह ने पंजाब सरकार को उचित निर्देश देने, उत्तरदायी लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की मांग की है. कहा गया है कि इस तरह की आगे ऐसी चूक नहीं होगी.

पंजाब सरकार ने बनाई जांच के लिए कमेटी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक के मामले पर पंजाब सरकार अब एक्शन में आई है. पंजाब सरकार ने मसले की चांच के लिए हाई-लेवल कमेटी बनाई है. इससे पहले प्रदर्शनकारियों द्वारा बुधवार को पंजाब में पीएम मोदी का काफिला रोकने के बाद से पंजाब सरकार घिरी हुई है. बताया जा रहा है कि कमेटी में रिटायर्ड जस्टिस मेहताब सिंह गिल और प्रमुख सचिव (गृह मामलों और न्याय) अनुराग वर्मा शामिल हैं. यह कमेटी तीन दिनों में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मांगी है रिपोर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फिरोजपुर दौरे के दौरान हुई सुरक्षा चूक के मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ऐसी घटना को स्वीकार नहीं किया जा सकता. इस मामले में जवाबदेही तय की जाएगी.

20 मिनट तक फंसा रहा पीएम का काफिला

बता दें कि बुधवार को पीएम मोदी पंजाब के बठिंडा पहुंचे और उन्हें खराब मौसम के कारण सड़क मार्ग से फिरोजपुर के हुसैनीवाला के लिए निकलना पड़ा. तभी रास्ते में कुछ किसानों की नाकेबंदी की वजह से प्रधानमंत्री का काफिला एक फ्लाईओवर पर 15 से 20 मिनट फंसा रहा. उसके बाद प्रधानमंत्री के काफिले को वापस लौटना पड़ा. इस कारण, फिरोजपुर में उनकी एक प्रस्तावित रैली और विकास योजनाओं के शिलान्यास संबंधी कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया.