भारत में ओमिक्रॉन की दस्तक के बाद दिल्ली के हाल फिर बिगड़ते नजर आ रहे हैं. राजधानी में लगातार कोविड-19 मरीजों की संख्या में इजाफा जारी है. इस मुश्किल से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का सहारा लिया है. इसी योजना के तहत फिलहाल दिल्ली ‘यलो अलर्ट’ पर है. हालांकि, कोरोना मरीजों के बढ़ते ग्राफ के बाद अब ‘रेड अलर्ट’ को लेकर चिंताएं नजर आने लगी हैं.

दिल्ली में पॉजिटिविटी रेट 0.5 फीसदी से पार होने और दो दिनों तक ऊपर रहने के बाद येलो अलर्ट का ऐलान किया था. GRAP के तहत इसे पहले चरण की पाबंदियां कहा जा रहा है. इस चरण में नाइट कर्फ्यू, स्कूल, कॉलेज, सिनेमाघर और जिम बंद किए गए हैं. अब अगर राजधानी में रेड अलर्ट लगाया जाता है, तो पाबंदियों का स्तर काफी बढ़ सकता है. सरकार की तरफ से तैयार GRAP के तहत अगर पॉजिटिविटी रेट 5 फीसदी के पार जाता है और दो दिन ऊपर बना रहता है, तो रेड अलर्ट लगाया जाएगा. फिलहाल, पॉजिटिविटी रेट 4.59 प्रतिशत है.

रेड अलर्ट के बाद क्या होंगे बदलाव

इसका मतलब राजधानी में रात्रि के अलावा वीकेंड्स पर भी पूरी तरह कर्फ्यू लागू हो जाएगा. हालांकि, सरकार की तरफ से तैयार योजनाओं में कुछ चीजों को छूट दी जाएगी. गैर-जरूरी सामान या सेवाओं पर काम करने वाली दुकानें और प्रतिष्ठान बंद होंगे. मॉल और साप्ताहिक बाजारों पर भी विराम लग जाएगा.रेस्त्रां और बार बंद हो जाएंगे, लेकिन जरूरी सामानों की डिलीवरी जारी रहेगी.

बैंक्वेट या कॉन्फ्रेंस नहीं कराने की शर्त पर होटल औऱ लॉज संचालित हो सकेंगी. सैलून पर भी ताले लग जाएंगे. जरूरी और आपातकालीन सेवाओं के अलावा सरकारी दफ्तर भी बंद हो जाएंगे. फिलहाल, अंतिम संस्कार और शादी समारोह में 20 लोगों को शामिल होने की अनुमति है. नई पाबंदियों में यह संख्या कम होकर 15 पर आ जाएगी. GRAP नियमों का असर दिल्ली मेट्रो समेत कई अन्य स्थानों पर भी पड़ेगा.

दिल्ली में कोविड के 3,194 नये मामले

भाषा के अनुसार, दिल्ली में रविवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 3,194 नये मामले सामने आए, जो पिछले साल 20 मई के बाद से एक दिन की सर्वाधिक संख्या है. हालांकि, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों से दहशत में नहीं आने की अपील करते हुए कहा कि ज्यादातर मरीजों में या तो लक्षण नहीं हैं या बहुत हल्के लक्षण हैं और मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ रही है.

रविवार को कोविड-19 के मामले एक दिन पहले के 2,716 मामले से 17 प्रतिशत अधिक हैं. महामारी से एक मरीज की भी मौत हुई है, जबकि संक्रमण दर बढ़कर 4.59 प्रतिशत हो गई. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है.